विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात मैला जैसी तीव्र घटनाएं जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत हैं। समुद्री तापमान में वृद्धि के कारण चक्रवात अधिक शक्तिशाली और विनाशकारी होते जा रहे हैं। पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।Read More
संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा के डिप्टी स्पीकर का पद लोकतांत्रिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। परंपरागत रूप से यह पद विपक्ष को दिया जाता रहा है, जिससे सदन की निष्पक्षता बनी रहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस पद का लंबे समय तक खाली रहना संसदीय परंपराओं पर सवाल खड़ा करता है। वहीं, सरकार समर्थक विशेषज्ञ मानते हैं कि डिप्टी स्पीकर का चुनाव पूरी तरह सदन की प्राथमिकताओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।Read More
तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों के बाद बड़े पैमाने पर राहत अभियान जारी है, जिसमें अब तक 960 लोगों को बचाया गया है। भारी नुकसान के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव भी बढ़ता जा रहा है।Read More
अंबेडकर जयंती 2026 सिर्फ एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि यूपी की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन चुकी है। भाजपा जहां सरकारी कार्यक्रमों और पीएम रैली के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, वहीं बसपा अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने के लिए शक्ति प्रदर्शन कर रही है।Read More
रायसेन/भोपाल/नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि के आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचार और किसानों की […]Read More
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हादसे अक्सर ओवरस्पीडिंग, थकान में ड्राइविंग और भारी वाहनों के नियंत्रण खोने के कारण होते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण तेज रफ्तार और लापरवाही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों के लिए अनिवार्य विश्राम, स्पीड मॉनिटरिंग और सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन ऐसे हादसों को कम कर सकता Read More
एनर्जी एक्सपर्ट्स: यह उछाल सप्लाई में संभावित कमी और जियोपॉलिटिकल तनाव का असर है। मार्केट एनालिस्ट: अगर तनाव बढ़ता है तो कीमतें 110-120 डॉलर तक जा सकती हैं।Read More
श्रम कानून विशेषज्ञ: “यदि वेतन और कार्य परिस्थितियों पर समय रहते बातचीत नहीं होती, तो ऐसे विरोध उग्र हो सकते हैं।”Read More
नई दिल्ली –एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) के बीच परिसंपत्ति मुद्रीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 11 अप्रैल 2026 को दोनों संस्थाओं के बीच दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ और […]Read More
“ऐसे हादसे अक्सर ओवरस्पीडिंग, गलत लेन ड्राइविंग और पुल जैसे संकरे इलाकों में लापरवाही के कारण होते हैं।” सुझाव: स्पीड कंट्रोल, लेन अनुशासन और हाईवे मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए।Read More
