ऑटो और एनर्जी सेक्टर के जानकारों के अनुसार, स्क्रैपिंग से जुड़ा इंसेंटिव इस नीति का सबसे प्रभावी हिस्सा साबित हो सकता है। इससे पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने में तेजी आएगी और ईवी अपनाने की लागत भी कम होगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम को मजबूत किए बिना इस नीति के लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।Read More
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी के चलते सोने-चांदी में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाएं।Read More
मुंबई। पिछले दिन की जबरदस्त तेजी के बाद कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। बाजार में यह गिरावट ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के बाद आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आने […]Read More
भारत ने 2030 तक 3000 मिलियन टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है। जानें कैसे भारतीय रेलवे, फ्रेट कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।Read More
भारतीय नौसेना (Indian Navy) रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) IFC-IOR (Information Fusion Centre – Indian Ocean Region) अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ऊर्जा विशेषज्ञ / जियोपॉलिटिकल एनालिस्टRead More
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई इस बार रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखते हुए ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपना सकता है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई का दबाव अभी बना हुआ है।Read More
“Ceasefire has eased supply disruption fears, leading to a sharp fall in oil prices.” “Market sentiment has turned positive with reduced geopolitical risk.” “If tensions remain low, crude may stabilize further in coming weeks.”Read More
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्धविराम से भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि, आगे की दिशा काफी हद तक आरबीआई के नीतिगत फैसलों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर Read More
एमसीएक्स पर सोना-चांदी में गिरावट, निवेशकों में सतर्कता मध्य पूर्व तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर शादी सीजन से पहले खरीदारी बढ़ने की उम्मीदRead More
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी स्वाभाविक है। अगर स्थिति जल्द नहीं संभली तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार स्थिर हो सकती हैं।Read More
