महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई गति, EIL और CSIR-IMMT ने किया समझौता
नई दिल्ली। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) और भुवनेश्वर स्थित सीएसआईआर–इंस्टीट्यूट ऑफ मिनरल्स एंड मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी (CSIR-IMMT) ने 23 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
ईआईएल मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इस समझौते पर ईआईएल के निदेशक (तकनीकी) श्री राजीव अग्रवाल और सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ईआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री अतुल गुप्ता, सीएसआईआर-आईएमएमटी के बिजनेस डेवलपमेंट एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रमुख डॉ. काली संजय तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समझौते के तहत दोनों संस्थान महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं की संयुक्त रूप से पहचान, मूल्यांकन और क्रियान्वयन करेंगे। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, प्रौद्योगिकी का विस्तार (Technology Scale-up) तथा पायलट और व्यावसायिक स्तर की परियोजनाओं के विकास एवं क्रियान्वयन में भी सहयोग करेंगे।
ईआईएल को लौह एवं अलौह धातुकर्म तथा खनिज प्रसंस्करण परियोजनाओं में व्यापक अनुभव प्राप्त है, जबकि सीएसआईआर-आईएमएमटी खनिज प्रसंस्करण, निष्कर्षण धातुकर्म और सामग्री अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अग्रणी अनुसंधान संस्थान है। इसे भारत सरकार के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (National Critical Mineral Mission) के तहत महत्वपूर्ण खनिजों के उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Critical Minerals) के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
इस साझेदारी से देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी, महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के उद्देश्यों को गति मिलेगी।http://Politicaltrust.in
