समय के साथ सोना खरीदने का तरीका बदला, मोबाइल ऐप पर डिजिटल गोल्ड में निवेश बढ़ा  

 समय के साथ सोना खरीदने का तरीका बदला, मोबाइल ऐप पर डिजिटल गोल्ड में निवेश बढ़ा  
नई दिल्ली। सोना हमेशा से केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक रहा है। लेकिन समय के साथ सोना खरीदने का तरीका बदल गया है। अब लोग सिक्के या गहने खरीदने के बजाय मोबाइल ऐप्स के जरिए डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) में निवेश कर रहे हैं। डिजिटल गोल्ड की सबसे बड़ी खूबी इसकी सुविधा (Convenience) है। आपको इसे घर में रखने या बैंक लॉकर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। चोरी होने या खो जाने का डर शून्य होता है। डिजिटल गोल्ड आमतौर पर 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) का होता है, इसलिए इसकी क्वालिटी पर कोई संदेह नहीं रहता। आप 10 रुपये या 100 रुपये जैसी छोटी राशि से भी सोना खरीदना शुरू कर सकते हैं, जो फिजिकल गोल्ड में संभव नहीं है। डिजिटल गोल्ड के साथ सबसे बड़ी चुनौती काउंटरपार्टी रिस्क (Counterparty Risk) है। यहां सोना आपके हाथ में नहीं, बल्कि एक प्लेटफॉर्म के पास होता है। आप उस कंपनी पर भरोसा कर रहे हैं कि उसने आपके नाम का सोना सुरक्षित रखा है। भारत में म्यूचुअल फंड या बैंक डिपॉजिट की तुलना में डिजिटल गोल्ड अभी उतना कड़ाई से रेगुलेटेड नहीं है। अगर प्लेटफॉर्म को कोई तकनीकी या कानूनी समस्या आती है, तो आपके सोने तक पहुंच मुश्किल हो सकती है।