अमरीका और ईरान के बीच जिनेवा वार्ता से पहले सैन्य जमावड़ा
- राजनीति राष्ट्रीय विदेश
Political Trust
- February 26, 2026
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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में होने वाली अहम वार्ता से पहले मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा तेज हो गया है। ट्रंप ने क्षेत्र में बड़ी नौसैनिक ताकत तैनात कर दी है। इसी बीच ईरान में आम लोग बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध को लेकर चिंतित हैं। कई ईरानी इस वार्ता को आखिरी मौका मान रहे हैं, जिससे किसी बड़े टकराव को टाला जा सके।
निष्पक्ष समझौते को तैयार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश निष्पक्ष और सम्मानजनक समझौते के लिए तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। जिनेवा में गुरुवार को होने वाली वार्ता को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का अवसर बताया जा रहा है।
खाड़ी में अमरीका का प्रदर्शन
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने कम से कम 16 नौसैनिक जहाज क्षेत्र में तैनात किए हैं। इनमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड शामिल हैं। इसके अलावा जॉर्डन में एफ-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने फारसी भाषा में संदेश जारी कर ईरानियों को संपर्क करने के निर्देश भी दिए हैं। इस सैन्य जमावड़े को लेकर ईरान में बेचैनी बढ़ी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश निष्पक्ष और सम्मानजनक समझौते के लिए तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। जिनेवा में गुरुवार को होने वाली वार्ता को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का अवसर बताया जा रहा है।
खाड़ी में अमरीका का प्रदर्शन
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने कम से कम 16 नौसैनिक जहाज क्षेत्र में तैनात किए हैं। इनमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड शामिल हैं। इसके अलावा जॉर्डन में एफ-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने फारसी भाषा में संदेश जारी कर ईरानियों को संपर्क करने के निर्देश भी दिए हैं। इस सैन्य जमावड़े को लेकर ईरान में बेचैनी बढ़ी है।
