मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, “मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में बढ़ा निवेश यह दिखाता है कि रिटेल निवेशक बाजार की गिरावट को अवसर के रूप में देख रहे हैं। SIP के जरिए लगातार निवेश और साल के अंत में पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग ने इस तेजी को सपोर्ट किया है। आने वाले समय में भी इक्विटी में लॉन्ग-टर्म निवेश की प्रवृत्ति बनी रह सकती है, खासकर जब वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वैल्यूएशन आकर्षक बने हुए हैं।”Read More
सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से “डोमेस्टिक सप्लाई फर्स्ट” रणनीति को दर्शाता है। जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर होती हैं, तब रिफाइनरियां अधिक मुनाफे के लिए निर्यात बढ़ा देती हैं, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई दबाव में आ सकती है।Read More
“अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम से वैश्विक अनिश्चितता में कमी आई है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में मजबूत खरीदारी इस रैली को सपोर्ट दे रही है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि जियोपॉलिटिकल तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।” – मार्केट एक्सपर्टRead More
ऑटो और एनर्जी सेक्टर के जानकारों के अनुसार, स्क्रैपिंग से जुड़ा इंसेंटिव इस नीति का सबसे प्रभावी हिस्सा साबित हो सकता है। इससे पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने में तेजी आएगी और ईवी अपनाने की लागत भी कम होगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम को मजबूत किए बिना इस नीति के लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।Read More
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी के चलते सोने-चांदी में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाएं।Read More
मुंबई। पिछले दिन की जबरदस्त तेजी के बाद कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। बाजार में यह गिरावट ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के बाद आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आने […]Read More
भारत ने 2030 तक 3000 मिलियन टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है। जानें कैसे भारतीय रेलवे, फ्रेट कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।Read More
भारतीय नौसेना (Indian Navy) रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) IFC-IOR (Information Fusion Centre – Indian Ocean Region) अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ऊर्जा विशेषज्ञ / जियोपॉलिटिकल एनालिस्टRead More
विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई इस बार रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखते हुए ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपना सकता है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई का दबाव अभी बना हुआ है।Read More
“Ceasefire has eased supply disruption fears, leading to a sharp fall in oil prices.” “Market sentiment has turned positive with reduced geopolitical risk.” “If tensions remain low, crude may stabilize further in coming weeks.”Read More
