सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करेंगे भारतीय जहाज

 सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करेंगे भारतीय जहाज
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चली 40 दिन की भीषण जंग पर फिलहाल अल्पकालिक विराम लग गया है। दो हफ्ते के सीजफायर की खबर ने दुनिया भर को राहत दी है। इन पूरे 40 दिनों के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे ज्यादा चर्चा और चिंता का केंद्र रहा। जहां दुनिया भर का ऊर्जा व्यापार बाधित रहा, वहीं भारतीय नौसेना भारत के ऊर्जा व्यापार को सुरक्षित रखते हुए जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करवाती रही। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सीजफायर के बाद भी नेवी पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और उसकी तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सीजफायर के बाद पहली खेप में 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं।
जहाजों के क्रू और ईरान के स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी है। खास बात यह है कि अभी नेवी के एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जिस तरह भारतीय नौसेना टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रही थी और उन्हें होर्मुज पार करने के लिए गाइड कर रही थी, वह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जंग की शुरुआत में होर्मुज के पश्चिम में 25 भारतीय फ्लैग्ड शिप मौजूद थे। इनमें से अब तक 9 जहाज एक-एक कर होर्मुज पार कर चुके हैं। भारतीय नौसेना लगातार इस पूरे इलाके में मरीन ट्रैफिक और जहाजों पर हमलों की निगरानी गुरुग्राम स्थित आईएफसी-आईओआर (इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन) के माध्यम से कर रही है।