बिहार राष्ट्रीय

नालंदा में NIA और ATS की छापेमारी, हथियार और ज्वेलरी

बिहार के नालंदा में NIA और ATS ने हथियार तस्करी के शक में 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें गन हाउस और ज्वेलरी दुकानें भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान हथियारों के स्टॉक और रिकॉर्ड की गहन जांच जारी है।Read More

दिल्ली राष्ट्रीय

वर्तमान विश्व समस्याओं से घिरा है – डॉ. शकुंतला कालरा

डॉ. सुधा शर्मा ‘पुष्प’ नई दिल्ली। वर्तमान विश्व अनेक जटिल समस्याओं के चक्रव्यूह में घिरा हुआ है, जिनमें पारिवारिक विघटन, युद्ध की विभीषिका और ऑनलाइन सुविधाओं से उत्पन्न संकट प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। इन समस्याओं का शीघ्र समाधान अत्यंत आवश्यक है। यह विचार सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शकुंतला कालरा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन […]Read More

दिल्ली राष्ट्रीय

आरआईटीईएस में नौकरी की इच्छा रखने वालों को खास मौका,

नई दिल्ली। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस लिमिटेड (आरआईटीईएस) में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक खास मौका सामने आया है। राइट्स ने असिस्टेंट मैनेजर (आईटी) के विभिन्न पांच पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। राइट्स की ओर से जारी पदों के लिए ऑनलाइन मोड में […]Read More

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय

टोल की दरों में वृद्धि का असर रोडवेज के यात्रियों

लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर टोल दरों में बढ़ोतरी के बाद अब इसका असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। टोल महंगा होने के चलते रोडवेज बसों का किराया भी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। रोडवेज प्रशासन ने इस संबंध में सभी प्रधान प्रबंधकों […]Read More

उत्तराखण्ड राष्ट्रीय

चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से, बदरीनाथ धाम

देहरादून। इस साल यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से होगा। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, बुधवार को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल, गुरुवार को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इन तारीखों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना […]Read More

दिल्ली राष्ट्रीय

‘उग्रवाद के पास हथियारों की ताकत लेकिन उसकी राजनीतिक भाषा

सुरक्षा और आंतरिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में वामपंथी उग्रवाद अब अपने सबसे कमजोर वैचारिक दौर से गुजर रहा है। उनका कहना है कि सरकार की दोहरी रणनीति—सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों को तेज़ी देना—ने उग्रवाद की जड़ों को कमजोर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क, संचार और बैंकिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। इससे माओवादी संगठनों का वह नैरेटिव कमजोर हुआ है, जिसमें वे राज्य को पूरी तरह असंवेदनशील और शोषक बताते थे। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि केवल सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। प्रशासनिक जवाबदेही, स्थानीय भागीदारी और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना अभी भी जरूरी है, ताकि उग्रवाद दोबारा जड़ न पकड़ सके।Read More