सोनिया गांधी के 1980 के मतदान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से मांगा जवाब
नई दिल्ली-भारतीय जनता पार्टी के मीडिया सह-संयोजक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोनिया गांधी के वर्ष 1980 में मतदान से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी लगातार ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं, तो उन्हें अपनी मां के वर्ष 1980 के मतदान से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि वर्ष 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हुआ और उन्होंने मतदान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 का हवाला देते हुए कहा कि भारत में मतदान का अधिकार भारतीय नागरिकों को ही है।
भाजपा प्रवक्ता ने दिल्ली सेशन कोर्ट के हालिया आदेश का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, अदालत ने पहले के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए मामले की नए सिरे से जांच के निर्देश दिए हैं। भंडारी ने कहा कि अदालत की प्रथम दृष्टया टिप्पणियों के आधार पर इस मामले में जांच की आवश्यकता सामने आई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि वर्ष 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, तो उनका नाम मतदाता सूची में कैसे शामिल हुआ और उन्होंने मतदान कैसे किया। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि दस्तावेजों में कोई जालसाजी हुई थी तो इसके लिए कौन जिम्मेदार था और उन्हें मतदान करने में किसने सहायता की।
1991 के मतदान की तस्वीरों का भी किया उल्लेख
प्रदीप भंडारी ने वर्ष 1991 में सोनिया गांधी के मतदान से जुड़ी तस्वीरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने मतदान की गोपनीयता और उस समय लागू नियमों को लेकर कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने के साथ-साथ अपने पुराने मामलों से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
प्रदीप भंडारी ने अंत में कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने तीन प्रमुख सवाल रखे-सोनिया गांधी का नाम वर्ष 1980 में मतदाता सूची में कैसे शामिल हुआ, उन्होंने उस समय मतदान कैसे किया और यदि दस्तावेजों में कोई अनियमितता हुई थी तो उसके लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि इन सवालों पर कांग्रेस की ओर से स्पष्ट जवाब आना चाहिए।http://Politicaltrust.in
