पर्यावरण संरक्षण एवं जल पुनर्चक्रण में भारतीय युवाओं की नई क्रांति: दायकी एक्सिस के DIAL 2025-26 के विजेताओं को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया सम्मानित
डॉक्टर के सी पांडेय
तीन मेधावी छात्रों को मिला जापान अध्ययन दौरा, अपशिष्ट जल शोधन एवं ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को मिलेगी नई उड़ान
नई दिल्ली। देश में स्वच्छ वातावरण और टिकाऊ जल प्रबंधन की दिशा में युवाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दायकी एक्सिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Daiki Axis India Pvt. Ltd) द्वारा आयोजित ‘DIAL 2025-26’ का राष्ट्रीय ग्रैंड फाइनल 27 जुलाई को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। केंद्रीय शहरी एवं आवास मामलों के मंत्री माननीय श्री मनोहर लाल ने राष्ट्रीय फाइनल में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट विजेताओं को प्रतिष्ठित ट्रॉफी और जापान अध्ययन दौरे (Japan Study Tour) का पुरस्कार प्राप्त करने पर सम्मानित किया। इसके साथ ही, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य तीन शीर्ष फाइनलिस्ट छात्रों को भी कार्यक्रम में ट्रॉफी और अत्याधुनिक टैबलेट प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

DIAL यानी Daiki Axis India Action & Innovation for the Environment दायकी एक्सिस इंडिया की एक प्रमुख सीएसआर (CSR) और पर्यावरण शिक्षा पहल है।

‘PROTECT X CHANGE’ टैगलाइन के अंतर्गत संचालित इस दूरदर्शी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयीय विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चुनौतियों की गहरी समझ विकसित करना, विकसित देशों के तकनीकी अनुभवों से सीख लेना तथा मौलिक विचारों के माध्यम से स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल व्यावहारिक कार्ययोजनाएँ तैयार करना है। यह पूरी पहल देश को ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य की ओर ले जाने वाले एक स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत की सुदृढ़ नींव का निर्माण करती है।

इस वर्ष के DIAL संस्करण के अंतर्गत देश भर के 70 से अधिक प्रतिष्ठित कॉलेजों और 300 से अधिक विश्वविद्यालय स्तर के शोधार्थियों एवं छात्रों ने भाग लिया। दायकी एक्सिस द्वारा इन विद्यार्थियों को 6 महीने तक गहन अनुसंधान क्षमता, आवश्यक फंडिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन (मेंटरशिप) तथा अंतरराष्ट्रीय अध्ययन अवसरों के माध्यम से लगातार सहयोग दिया गया। कड़े राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद 15 उत्कृष्ट फाइनलिस्ट छात्रों का चयन किया गया, जिन्हें दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल में अपनी शोध प्रस्तुतियाँ देने के लिए आमंत्रित किया गया था। इन छात्रों ने मुख्यतः अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण (Wastewater Treatment & Reuse), विकेंद्रीकृत स्तर पर झोउकासो (Johkasou) तकनीक का अनुप्रयोग, प्रदूषित नदियों का जीर्णोद्धार तथा दैनिक उपयोग जैसे बागवानी (Gardening) और फ्लशिंग (Flushing) में प्रयुक्त शोधित जल के पुनर्चक्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए।

राष्ट्रीय फाइनल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच तीन मेधावी विद्यार्थियों को जापान अध्ययन दौरे के लिए चुना गया: 1. अमन पचौरी (आईआईटी, मंडी), 2. चेनया रेड्डी (एसआईआईबी, पुणे), तथा 3. यासिर हमीद (आईआईटी, रुड़की)।

कार्यक्रम के दौरान दायकी एक्सिस (Daiki Axis) के चेयरमैन श्री हीरोकी ओगामे (Hiroki Ogame) ने भारतीय युवाओं के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि भारत की युवा ऊर्जा अपने ज्ञान, कौशल और निरंतर प्रयासों से ‘विकसित भारत’ के सपने को आकार देने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने रेखांकित किया कि पानी भारत के भविष्य और नियति को सबसे गहराई से आकार देता है, और DIAL पहल मानव समाज तथा पर्यावरण के बीच के इस अटूट संबंध को पुनः परिभाषित करती है। इस गरिमामय समारोह में दायकी एक्सिस इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री रियो वाजा (Rio Waza), निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री कमल तिवारी, तथा सलाहकार एवं बोर्ड सदस्य डॉ. के. सी. पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा न्यू दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मुख्य प्रतिनिधि सुश्री कावासाकी यू भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहीं।

राष्ट्रीय फाइनल में विद्यार्थियों के प्रस्तुत शोध और नवाचारों का मूल्यांकन देश की प्रमुख हस्तियों की एक उच्चस्तरीय जूरी द्वारा किया गया। इस जूरी पैनल में श्री जी. पी. उपाध्याय, आईएएस (सेवानिवृत्त); डॉ. दिव्या अग्रवाल, सहायक प्रोफेसर (पर्यावरण विज्ञान, जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय); डॉ. ए. के. गोयल (डीआरडीओ); श्री शलभ कुमार (पूर्व बोर्ड सदस्य, दिल्ली जल बोर्ड); तथा डॉ. बी. भल्ला (राइट्स इंडिया) शामिल रहे, जिन्होंने छात्रों के प्रोजेक्ट्स की तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।

दायकी एक्सिस इंडिया ने इस सफल आयोजन के साथ ही भविष्य के लिए ‘DIAL 2.0’ कार्यक्रम की भी औपचारिक घोषणा की। DIAL 2.0 मुख्य रूप से दो प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगा: पहला, DIAL Innovation Challenge जो छात्रों के अनुसंधान, नई हरित तकनीकों और जमीनी स्तर की व्यावहारिक पर्यावरण कार्ययोजनाओं को बढ़ावा देगा; और दूसरा, DIAL Communication Challenge जो डिजिटल स्टोरीटेलिंग, सोशल मीडिया अभियानों और राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों पर केंद्रित रहेगा। कंपनी का लक्ष्य DIAL को विश्वविद्यालयीय छात्रों के लिए देश का अग्रणी पर्यावरण शिक्षा एवं सीएसआर मंच बनाना है, जिसके लिए उन्होंने सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक साझेदारों से संयुक्त प्रयास का आह्वान किया है।http://Politicaltrust.in
