मानसून सत्र से पहले सरकार की बड़ी तैयारी, सर्वदलीय बैठक में 40 दलों के 58 नेता शामिल; 20 जुलाई से संसद में होगा हंगामेदार आगाज़
नई दिल्ली- संसद के आगामी मानसून सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से रविवार को संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का आयोजन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने किया, जिसमें आगामी सत्र के एजेंडे और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में राज्यसभा के सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और संसदीय कार्य एवं सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी नेताओं का स्वागत किया। इसके बाद किरेन रिजिजू ने बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी।
रिजिजू ने कहा कि सत्र की विधायी कार्यसूची 16 जुलाई को ही संसद के दोनों सचिवालयों द्वारा बुलेटिन भाग-2 में प्रकाशित की जा चुकी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार संसद की परंपराओं और नियमों के तहत सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
बैठक के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर अपने सुझाव और अपेक्षाएं सरकार के सामने रखीं तथा सदन के सुचारु संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया। संसदीय कार्य मंत्री ने नेताओं द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक के समापन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि आगामी मानसून सत्र सकारात्मक, सार्थक और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
