मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने दिखाई सख्ती, मंत्रियों के कामकाज पर जताई नाराजगी

 मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम मोदी ने दिखाई सख्ती, मंत्रियों के कामकाज पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक बेहद लंबी और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। गुरुवार देर रात तक करीब साढ़े चार घंटे से अधिक समय तक चली इस हाई-लेवल बैठक में प्रधानमंत्री का रुख बेहद सख्त नजर आया। विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज और पेंडिंग पड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान कई विभागों में देरी और ढिलाई देख प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के सामने गहरी नाराजगी व्यक्त की। पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को दोटूक शब्दों में साफ संदेश दिया कि सरकार की फाइलों को बिना किसी वजह के लटकाया न जाए और सभी लंबित (Pending) कामों को अविलंब पूरा कर सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ समय पर जनता तक पहुंचाया जाए।शाम 5 बजे शुरू हुई इस मैराथन बैठक में सरकार के बीते कामकाज का ‘मिड-टर्म स्टॉकटेकिंग’ (मध्यावधि समीक्षा) किया गया। इस दौरान कृषि, सड़क परिवहन, कारपोरेट अफेयर्स, विदेश, वाणिज्य, पर्यावरण और पावर (ऊर्जा) समेत करीब एक दर्जन प्रमुख मंत्रालयों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट और भविष्य के रिफॉर्म्स को लेकर प्रेजेंटेशन दिए। सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रालयों या विभागों का प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Evaluation) में नीचे रहा, उन्हें प्रधानमंत्री ने कड़े लहजे में सुधारात्मक कदम उठाने और अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाने की हिदायत दी। पीएम ने कहा कि न्यूनतम समय में अधिकतम प्रोडक्टिविटी (उत्पादकता) हासिल करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
मंत्रियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के दूरगामी विजन को दोहराया। उन्होंने कहा, “विकसित भारत 2047 कोई केवल एक चुनावी या राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति इस सरकार का कमिटमेंट (प्रतिबद्धता) है।” उन्होंने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों के कामकाज की खुद नियमित रूप से निगरानी (रिव्यू) करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त न करें। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों को जनता के बीच सक्रिय रहने और पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार द्वारा हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों व योजनाओं को सीधे आम लोगों तक पहुंचाने और उनसे संवाद करने को कहा।http://Politicaltrust.in