प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना का ईआईएल नेतृत्व ने किया दौरा

 प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना का ईआईएल नेतृत्व ने किया दौरा

नई दिल्ली। भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान के पचपदरा स्थित एचआरआरएल (HRRL) रिफाइनरी परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किए जाने के अवसर पर इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएंडएमडी) अतुल गुप्ता ने निदेशक (वित्त) संजय जिंदल, निदेशक (तकनीकी) राजीव अग्रवाल तथा निदेशक (परियोजनाएँ) सुभास बालाकुमार के साथ परियोजना स्थल का दौरा किया।

इस दौरान सीएंडएमडी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा ग्राहक संस्था एचपीसीएल (HPCL) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में परियोजना की प्रमुख प्रोसेस इकाइयों, जिनमें मुख्य नियंत्रण कक्ष (Main Control Room) भी शामिल है, का निरीक्षण किया।

ईआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना स्थल पर कार्यरत टीम के साथ संवाद करते हुए परियोजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी एवं दक्ष बनाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा आधुनिक इंजीनियरिंग उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने टीम को मौजूदा कार्य गति बनाए रखने तथा शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्चतम गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण (HSE) मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के पचपदरा स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना भारत के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित इस परियोजना की रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) तथा पेट्रोकेमिकल एकीकरण क्षमता 2.4 MMTPA है।

इस परियोजना में भारत के सबसे बड़े कोक डोम (Coke Dome) संरचनाओं में से एक का निर्माण किया गया है। लगभग 26 प्रतिशत की पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी के साथ यह देश की सबसे उन्नत रिफाइनरियों में शामिल है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (Zero Liquid Discharge) और ऊर्जा दक्षता के क्वार्टाइल-1 (Quartile-1) मानकों पर आधारित यह रिफाइनरी एचपीसीएल, राजस्थान सरकार और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) के संयुक्त प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह विश्वस्तरीय, एकीकृत और सतत ऊर्जा अवसंरचना के निर्माण की दिशा में भारत की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में उभरी है।http://Politicaltrust.in