यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम बाजार से जुटाएंगे 130 करोड़ रुपये

 यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम बाजार से जुटाएंगे 130 करोड़ रुपये

लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों को म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने की मंजूरी दे दी गई। गोरखपुर नगर निगम 80 करोड़ रुपये और मुरादाबाद नगर निगम 50 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉण्ड जारी कर शहरी विकास परियोजनाओं के लिए बाजार से वित्त जुटाएंगे।

कैबिनेट ने दोनों नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग को मजबूत करने के लिए अवस्थापना विकास निधि (इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड) से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे नगर निकायों को निवेशकों का भरोसा हासिल करने और बेहतर वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सरकार का लक्ष्य नगर निकायों को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाना है ताकि वे शहरी आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए पारंपरिक सरकारी सहायता पर निर्भर रहने के बजाय बाजार से भी पूंजी जुटा सकें। इसी उद्देश्य से वित्तीय प्रबंधन, क्रेडिट वर्थनेस और मार्केट ओरिएंटेशन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 मिशन के तहत भी नगर निकायों को म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। भारत सरकार की प्रोत्साहन योजना के अनुसार 100 करोड़ रुपये तक के बॉण्ड निर्गम पर 13 करोड़ रुपये और 200 करोड़ रुपये तक के निर्गम पर अधिकतम 26 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सभी बॉण्ड भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्धारित नियमों के अनुरूप जारी किए जाएंगे।

गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम अपने-अपने सदनों से प्रस्तावों को पहले ही मंजूरी दिला चुके हैं और संबंधित विकास परियोजनाओं का चयन भी कर चुके हैं। सरकार का मानना है कि इस फैसले से दोनों शहरों में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी और नगर निकायों की वित्तीय क्षमता भी मजबूत होगी।