प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया एसजेवीएन की 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन
बीकानेर/पचपदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के पचपदरा से एसजेवीएन (SJVN) की 1000 मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और देश के स्वच्छ ऊर्जा तथा सतत विकास के लक्ष्यों को नई गति देगी।
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे, निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज पोरवाल, एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत शर्मा तथा एसजेवीएन और एसजीईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
करीब 5,492 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 5,000 एकड़ भूमि पर विकसित इस परियोजना का निर्माण एसजेवीएन की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) ने किया है। यह एक ही स्थान पर विकसित घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) श्रेणी की भारत की सबसे बड़ी एकल ईपीसी (EPC) सौर परियोजना है।
परियोजना से पहले वर्ष में लगभग 2,454.84 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली उत्पादन होने का अनुमान है, जबकि 25 वर्षों में यह करीब 56,482.14 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगी। उत्पादित बिजली में 500 मेगावाट राजस्थान, 200 मेगावाट उत्तराखंड और 300 मेगावाट जम्मू-कश्मीर को आपूर्ति की जाएगी।
परियोजना के संचालन से 25 वर्षों में लगभग 2.79 अरब किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जिससे भारत के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती देती है। इसमें लगभग 24.22 लाख स्वदेशी निर्मित डीसीआर (DCR) सौर मॉड्यूल और 175 करोड़ स्वदेशी सौर सेल का उपयोग किया गया है, जिससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला है।
निर्माण और कमीशनिंग के दौरान इस परियोजना ने 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए। साथ ही सड़क, ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास से बीकानेर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिली है।
विद्युत मंत्रालय के अधीन नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम एसजेवीएन की वर्तमान स्थापित उत्पादन क्षमता 4,196.5 मेगावाट है तथा कंपनी 123 किलोमीटर लंबी दो ट्रांसमिशन लाइनों का भी संचालन करती है। बीकानेर की इस 1000 मेगावाट सौर परियोजना के उद्घाटन के साथ एसजेवीएन ने देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा सुरक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
