हरित इस्पात की ओर बढ़ते भारत में स्क्रैप बनेगा रणनीतिक संसाधन, ISMC 2026 में होगी भविष्य की आपूर्ति रणनीति पर चर्चा

 हरित इस्पात की ओर बढ़ते भारत में स्क्रैप बनेगा रणनीतिक संसाधन, ISMC 2026 में होगी भविष्य की आपूर्ति रणनीति पर चर्चा

New Delhi -भारत में हरित इस्पात (ग्रीन स्टील) उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ इस्पात उद्योग में स्क्रैप की खरीद और आपूर्ति की रणनीति तेजी से बदल रही है। वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन क्षमता के लक्ष्य को देखते हुए विद्युत आर्क भट्ठियों (EAF) और प्रेरण भट्ठियों (IF) का उपयोग बढ़ने की संभावना है, जिनमें स्क्रैप प्रमुख कच्चा माल होता है। स्क्रैप आधारित इस्पात उत्पादन पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस तकनीक की तुलना में 60 से 70 प्रतिशत तक कम कार्बन उत्सर्जन करता है, जिससे यह हरित इस्पात निर्माण का अहम आधार बन गया है।
बदलते वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के बीच अब इस्पात कंपनियां केवल कम कीमत पर स्क्रैप खरीदने के बजाय उसकी गुणवत्ता, स्रोत की पारदर्शिता, प्रमाणन और कार्बन फुटप्रिंट पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं। इसके चलते स्क्रैप आपूर्ति व्यवस्था दीर्घकालिक साझेदारी, डिजिटल निगरानी और प्रमाणित सप्लाई चेन की ओर बढ़ रही है।
mjunction के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय वर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में स्क्रैप केवल कम लागत वाला कच्चा माल नहीं रहेगा, बल्कि यह ऐसा रणनीतिक संसाधन बनेगा जो इस्पात उद्योग को पर्यावरणीय लक्ष्यों और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को एक साथ पूरा करने में मदद करेगा।
उन्होंने कोकिंग कोयले पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाल के महीनों में तापीय कोयले के आयात में कमी आई है, जबकि कोकिंग कोयले का आयात लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में गर्म धातु उत्पादन में 6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अप्रैल-मई 2026 में इसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में कोकिंग कोयले का आयात 27.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.25 करोड़ टन पहुंच गया।
देश में वाहन स्क्रैप नीति, औद्योगिक पुनर्चक्रण, शहरी खनन और आयातित स्क्रैप पर निर्भरता कम करने की पहल भी इस बदलाव को गति दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए मजबूत और विश्वसनीय स्क्रैप आपूर्ति तंत्र विकसित करना समय की आवश्यकता बन गया है।
इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए mjunction services limited 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 13वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस (ISMC 2026) का आयोजन करेगा। “स्टीलाथॉन: स्क्रैप-टू-स्टील वैल्यू चेन का निर्माण” विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में इस्पात, स्क्रैप, खनन, अवसंरचना, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, वित्त और नीति निर्माण से जुड़े विशेषज्ञ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन करेंगे। लगभग 30 प्रमुख वक्ता सम्मेलन में भाग लेकर उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा करेंगे।

http://Politicaltrust.in