राजस्थान-गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, ₹1.06 लाख करोड़ की परियोजनाओं का देंगे तोहफा
नई दिल्ली-। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे लगभग ₹1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रमों में ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, रेलवे, सड़क, शहरी परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, विमानन और सेमीकंडक्टर विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
राजस्थान के बालोतरा में प्रधानमंत्री पचपदरा स्थित भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित इस 9 एमएमटीपीए क्षमता वाली परियोजना पर ₹79,450 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। यह रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन को एकीकृत करने वाला देश का पहला अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने, पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ₹13,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे। इसके अलावा चूरू-सादुलपुर और चूरू-रतनगढ़ रेल दोहरीकरण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे तथा जोधपुर रिंग रोड के चार लेन खंड का उद्घाटन करेंगे। बीकानेर में एसजेवीएन की 1,000 मेगावाट और एनएचपीसी की 300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित करीब 54 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
जोधपुर में प्रधानमंत्री संशोधित उड़ान (UDAN) योजना की शुरुआत करेंगे। अगले 10 वर्षों के लिए ₹28,840 करोड़ के प्रावधान वाली इस योजना के तहत 100 नए एयरोड्रोम, 200 आधुनिक हेलिपैड और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक निवेश किया जाएगा। इसी दौरान वे ₹480 करोड़ की लागत से बने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता 20 लाख है।
दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद में सीजी सेमी (CG Semi) की ओएसएटी (OSAT) सुविधा का उद्घाटन करेंगे। ₹7,500 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित यह संयंत्र इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत शुरुआती परियोजनाओं में शामिल है। पूर्ण क्षमता पर यह संयंत्र प्रतिवर्ष 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा और ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, 5जी, औद्योगिक तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे क्षेत्रों की मांग पूरी करेगा।
सरकार के अनुसार यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे, क्षेत्रीय संपर्क, हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर विनिर्माण को नई गति देने के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
