बंगाल चुनाव से पहले प्रशासनिक तबादलों को लेकर माहौल गरम, तृणमूल और भाजपा आमने सामने

 बंगाल चुनाव से पहले प्रशासनिक तबादलों को लेकर माहौल गरम, तृणमूल और भाजपा आमने सामने
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Political Trust Magazine
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर हो रहे तबादलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा डर के कारण इस तरह के व्यापक फेरबदल करवा रही है। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इन तबादलों को उचित ठहराते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह “प्रशासनिक सर्जरी” बेहद जरूरी है। भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कई अधिकारी सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे अधिकारियों का तबादला निष्पक्ष चुनाव के लिए अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग द्वारा उठाए जा रहे कदम सही दिशा में हैं, लेकिन अभी और बड़े स्तर पर तबादले होने की संभावना है। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि 12 अन्य राज्यों में भी चुनावी प्रक्रियाएं चल रही हैं, लेकिन समस्या केवल बंगाल सरकार को ही हो रही है। भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री पर न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे बार-बार धरने पर बैठकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थित अधिकारियों ने फॉर्म 7 भरने में बाधा डाली। पिछले विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार जनता “गुंडा राज” का अंत करेगी। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों के बाद राज्य में बदलाव देखने को मिलेगा और इस बार टीएमसी सत्ता में नहीं लौटेगी।