कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, असम की अदालत का करना होगा रूख
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- April 15, 2026
- 0
- 49
- 1 minute read
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में अधिकार क्षेत्र (जूरिस्डिक्शन) का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और खेड़ा को अब राहत के लिए असम की अदालत का रुख करना होगा। SC की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस मामले में पहले से स्थापित कानूनी सिद्धांतों पर ध्यान नहीं दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई अब तीन सप्ताह बाद की जाएगी। तब तक हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह असम से जुड़ा है, क्योंकि मामला वहीं दर्ज हुआ है और कथित अपराध भी वहीं हुआ है। ऐसे में किसी अन्य राज्य में जाकर राहत मांगना कानून का दुरुपयोग है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी द्वारा तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए जो तर्क दिए गए, वे तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं। कोर्ट ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यदि इस तरह की अनुमति दी जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी राज्य में याचिका दायर कर सकता है। जजों ने यह भी उल्लेख किया कि उनके सामने यह बात रखी गई है कि याचिका दाखिल करने के लिए कथित रूप से भ्रामक या गलत जानकारी का प्रयोग किया गया। इस पर अदालत ने नोटिस जारी करते हुए मामले की गहराई से जांच की बात कही।
