बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान, कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा  

 बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान, कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा  
नई दिल्ली। बजट में पहली बार क्वांटम फिजिक्स, कौशल विज्ञान और एआई पर फोकस, ऑरेंज इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार। शिक्षा बजट में 8.27% और कौशल विकास में 62% बढ़ोतरी, दोनों का बजट 1.50 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कौशल विकास के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। इसके बजट में 62 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने और उभरते क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण का विस्तार करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया है। उच्च शिशा और विशेषतौर पर स्टेम यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में बेटियों की भागीदारी को बढ़ाने और स्थायी करने के लिए देश के सभी 800 जिलों में उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े महिला छात्रावास के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इससे, दूरदराज व ग्रामीण इलाकों की बेटियों को सबसे अधिक लाभ होगा, जिन्हें रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिलने की वजह से बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ती है।
शिक्षा बजट में बढ़ोतरी
इस बार स्कूल और उच्च शिक्षा बजट में 8.27 फीसदी और कौशल विकास के बजट में 62 फीसदी की वृद्धि की गई है। दोनों का समग्र बजट बढ़कर करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। स्कूल व उच्च शिक्षा के लिए 1,39,289.48 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें स्कूल व साक्षरता विभाग को 83,562.26 करोड़ रुपये (6.35 फीसदी) और उच्च शिक्षा विभाग का 55,727.22 (11.28 फीसदी) करोड़ रुपये मिले हैं। कौशल विकास के लिए 9,885.80 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
पहली बार बजट में स्कूल स्तर पर ही छात्रों को शिक्षा, कौशल, साइंस, एआई व क्वांटम समेत उभरती तकनीक और प्रौद्योगिकी से जोड़ने और प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। खगोल-भौतिकी और खगोल विज्ञान में छात्रों की रूचि बढ़ाने के लिए नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलिस्कॉप, हिमालयन चंद्र टेलिस्कॉप और द कॉसमॉस-2 प्लेनेटोरियम जैसे बुनियादी सुविधा केंद्र खोले जाएंगे।