बजट 2026 : TDS की झंझट खत्म, ‘टैक्स की उलझनों’ से मुक्ति?
नई दिल्ली। इस बार बजट 2026 में उद्योग जगत को काफी उम्मीद है। एक अप्रैल से लागू होने वाले नए और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं, ताकि अधिक लोग पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नई व्यवस्था को अपनाएं।
बजट से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सीमा शुल्क ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े बदलाव और कई अन्य सुधार देखने को मिल सकते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में लगातार अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सीमा शुल्क ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े बदलाव और कई अन्य सुधार देखने को मिल सकते हैं। बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है, क्योंकि अब भारत का राजकोषीय प्रबंधन केवल घाटे को संभालने के बजाय कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए, जिन्हें पिछले साल 12 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स छूट और बाद में जीएसटी दरों में कटौती से बड़ी राहत मिली थी, इस बार मानक कटौती यानी स्टैंडर्ड डिडक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इनकम टैक्स एक्ट को लेकर उम्मीदें
उद्योग जगत को उम्मीद है कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं, ताकि अधिक लोग पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नई व्यवस्था को अपनाएं। इसके साथ ही टीडीएस की विभिन्न श्रेणियों और दरों को कम करके उन्हें और सरल बनाया जा सकता है।
