मायावती ने घटते विधानमंडल सत्रों पर चिंता जताई, सरकार और विपक्ष को दिया सुझाव
लखनऊ। मायावती ने घटते विधानमंडल सत्रों पर जताई चिंता, सरकार और विपक्ष को सुझाव दिया है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने विधानमण्डलों की कार्यवाही के लगातार घटते समय पर चिन्ता व्यक्त की। उन्हाेंने सामयिक व सराहनीय, जिसपर सरकार और विपक्ष दोनों को अति-गंभीर होकर इस पर अमल जरूर करने पर जाेर दिया। बसपा
प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया जब लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के तीन-दिवसीय सम्मेलन चल रहा है।
बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, देश में संसद व राज्य विधानमण्डलों के सत्र के घटते समय के साथ-साथ हर बार इनके भारी हंगामेदार एवं स्थगन आदि से इनकी जन उपयोगिता का घटता प्रभाव अक्सर गंभीर चिन्ता का विषय है।
उन्होंने लिखा कि भारतीय संसद व राज्यों के विधानमण्डल देश की संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं तथा सरकार व कार्यपालिका को देश व जनहित के प्रति उत्तरदायित्व बनाये रखने का एक सशक्त माध्यम है। संसद व विधानमण्डलों की कार्यवाही साल में कम-से-कम 100 दिन के कैलेण्डर तथा सही नियमों के हिसाब से शान्ति-व्यवस्था के साथ चले, यह बहुत ज़रूरी है।
