• July 17, 2026

एनसीएस और स्विगी की ऐतिहासिक साझेदारी: युवाओं के लिए खुलेंगे लाखों रोजगार के अवसर

 एनसीएस और स्विगी की ऐतिहासिक साझेदारी:  युवाओं के लिए खुलेंगे लाखों रोजगार के अवसर

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और सुश्री शोभा करंदलाजे की उपस्थिति में स्विगी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

नई दिल्ली — भारत के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने देश के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे की उपस्थिति में मंत्रालय ने प्रमुख ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल के माध्यम से गिग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराएगी।

डॉ. मांडविया ने इसे “नए भारत के युवा निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम” बताया। उन्होंने बताया कि अब तक एनसीएस पोर्टल पर 1.25 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वाले और 40 लाख से अधिक नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं। स्विगी के साथ हुआ यह करार स्थान-आधारित, वास्तविक समय पर आधारित और कुशल जनशक्ति को सीधा जोड़ने की दिशा में एक आधुनिक और दूरदर्शी पहल है।

स्विगी अब अपने डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और सहायक भूमिकाओं से जुड़ी नौकरी के अवसर एनसीएस पोर्टल पर साझा करेगा। इससे खासकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं, महिलाओं और काम की तलाश में लगे व्यक्तियों को तेजी से और स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त होगा।

स्विगी के कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख श्री दिनकर वशिष्ठ ने इस साझेदारी को “डिजिटल उद्यमिता और समावेशी विकास का प्रतीक” बताया और कहा कि यह कदम नए युग की अर्थव्यवस्था में सामाजिक और आर्थिक समावेशन को मजबूत करेगा।

इस समझौता ज्ञापन की मुख्य विशेषताएं:

  • एनसीएस पोर्टल पर सत्यापित गिग और डिलीवरी नौकरियों की नियमित पोस्टिंग

  • API एकीकरण के ज़रिए नौकरी के अवसरों की वास्तविक समय ट्रैकिंग और आवेदन प्रक्रिया

  • युवाओं, महिलाओं और अन्य उपयुक्त वर्गों के लिए रोजगार की विशेष प्राथमिकता

  • डिजिटल सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य

यह करार सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग की एक मिसाल है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के विजन को साकार करता है।