रबी फसलों पर सरकार का बड़ा फैसला, सभी 6 फसलों की MSP बढ़ी

 रबी फसलों पर सरकार का बड़ा फैसला, सभी 6 फसलों की MSP बढ़ी

Political Trust Magazine

कुसुम की MSP में ₹675 और सरसों में ₹413 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, किसानों को लागत पर 50% से 106% तक मार्जिन

नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नई MSP व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी औसत उत्पादन लागत पर 50% से 106% तक का मार्जिन मिलेगा। गेहूं पर 106%, रेपसीड एवं सरसों पर 96% और मसूर पर 92% का मार्जिन निर्धारित किया गया है।

किस फसल की MSP कितनी बढ़ी

कुसुम की MSP में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसकी नई MSP ₹7,215 प्रति क्विंटल होगी।
रेपसीड एवं सरसों की MSP ₹413 बढ़ाकर ₹6,613 प्रति क्विंटल कर दी गई है।
मसूर की MSP में ₹390 की बढ़ोतरी के बाद यह ₹7,390 प्रति क्विंटल होगी।
जौ की MSP ₹136 बढ़कर ₹2,286 प्रति क्विंटल हो गई है।
चना की MSP में ₹83 की बढ़ोतरी कर इसे ₹5,958 प्रति क्विंटल किया गया है।
वहीं गेहूं की MSP ₹25 बढ़ाकर ₹2,610 प्रति क्विंटल कर दी गई है।

दलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर

सरकार ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों के उपयोग पर भी जोर दिया है। ऐसे क्षेत्रों में किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्नत बीज, तकनीकी सलाह और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

तिलहन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

खाद्य तेलों के आयात को कम करने के उद्देश्य से सरसों और रेपसीड की MSP में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वहीं कम पानी और कम उपजाऊ क्षेत्रों में होने वाली कुसुम की MSP में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

जौ की खेती को भी मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार ने जौ की MSP में ₹136 प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, जौ कम पानी में तैयार होने वाली फसल है। इसलिए इसके उत्पादन को बढ़ावा देने से किसानों को लाभ के साथ जल संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

राज्यों की जरूरत के अनुसार रबी की रणनीति

कृषि मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों की जलवायु और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य-विशिष्ट रबी कार्ययोजना तैयार की है। सूखा प्रभावित राज्यों में सूखा-रोधी फसलों और विशेष उपायों पर जोर दिया जाएगा, जबकि पर्याप्त पानी वाले राज्यों में उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई जाएगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी मेहनत का लाभकारी मूल्य दिलाने के साथ-साथ देश को दलहन, तिलहन और कृषि उत्पादन के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।http://Politicaltrust.in