ईपीएफओ वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने को मंजूरी, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

 ईपीएफओ वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने को मंजूरी, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के अनिवार्य कवरेज के दायरे में आ सकते हैं।

वेतन सीमा में यह बढ़ोतरी सितंबर 2014 के बाद पहली बार की जा रही है। इससे 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह वेतन वाले कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग को वैधानिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके तहत कर्मचारियों को भविष्य निधि बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (ईडीएलआई) जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्षों में वेतन और आय में वृद्धि तथा औपचारिक रोजगार के विस्तार को देखते हुए ईपीएफओ की वेतन सीमा में बदलाव आवश्यक था। सरकार का कहना है कि इस फैसले से रोजगार के औपचारीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति सुरक्षा भी मजबूत होगी।

इस प्रस्ताव पर अंतर-मंत्रालयी स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। व्यय वित्त समिति ने 16 जून 2026 को हुई बैठक में इसकी सिफारिश की थी। सरकार के अनुसार, इस निर्णय के बाद वार्षिक सरकारी व्यय लगभग 11,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पांच वर्षों में अनुमानित व्यय करीब 56,696 करोड़ रुपये होगा।

ईपीएफओ वर्तमान में लगभग 7.68 लाख योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों में 7.98 करोड़ योगदान देने वाले सदस्यों को कवर करता है। कर्मचारी पेंशन योजना के तहत लगभग 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन लाभ मिल रहा है। नई वेतन सीमा से सामाजिक सुरक्षा का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ईपीएफओ इस निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाएंगे। सरकार ने इसे श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और विकसित भारत@2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।http://Politicaltrust.in