खेलों से बनेगा विकसित भारत : डॉ. मनसुख मांडविया ने स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 का किया उद्घाटन!

 खेलों से बनेगा विकसित भारत : डॉ. मनसुख मांडविया ने स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 का किया उद्घाटन!

दिनेश कुमार गौड़
नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि “हर बच्चे को खेल का अवसर, हर प्रतिभा को पहचान और हर खिलाड़ी को सही सहयोग देना सरकार की प्राथमिकता है।” कार्यक्रम का शुभारंभ मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, हरियाणा के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गौरव गौतम तथा बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन Physical Education Foundation of India (PEFI) एवं Sports India Foundation द्वारा किया गया। कॉन्क्लेव का मुख्य विषय “Vision 2036: वैश्विक मेजबानी की तैयारी हेतु खेल विज्ञान, शारीरिक शिक्षा एवं औद्योगिक भागीदारी का एकीकरण” रहा। कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, खेल विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और युवा प्रतिभाओं ने भाग लिया।
खेलों में भागीदारी से बढ़ेगा भारत
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत में खेल अब केवल प्रतियोगिता या मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, युवा विकास, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की खेल नीति और सोच में व्यापक परिवर्तन आया है। भारत के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गांव, स्कूल और कॉलेज स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, राष्ट्रीय खेल महासंघों तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पोषण, खेल विज्ञान और खेल अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विश्वास सारंग, गौरव गौतम और रमेश चंद्र मिश्रा ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं तथा देश के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
हरियाणा के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गौरव गौतम ने हरियाणा की खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में खेलों को जन-आंदोलन बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने खेलों के माध्यम से युवाओं के विकास और खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराकर भारत को खेलों में विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल किया जा सकता है।
20 विभूतियों को प्रदान किए गए स्पोर्ट्स इंडिया अवार्ड्स 2026
स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 के दौरान खेलों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 20 प्रतिभाओं एवं खेल क्षेत्र से जुड़ी विशिष्ट हस्तियों को “स्पोर्ट्स इंडिया अवार्ड्स 2026” से सम्मानित किया गया। इन सम्मानित व्यक्तित्वों ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण, खेल प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर युवा तैराक हटावी सिंह को तैराकी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन एवं उपलब्धियों के लिए तथा देवेंद्र सिंह को खेल एवं पैरालंपिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा सम्मानित किया गया। दोनों को मिला यह सम्मान खेल प्रदर्शन के साथ-साथ खेल विज्ञान एवं खिलाड़ी कल्याण के महत्व को भी रेखांकित करता है।
विजन 2036 : खेल महाशक्ति बनने की तैयारी
डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत एक महत्वपूर्ण खेल दशक में प्रवेश कर रहा है। देश 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी महत्वाकांक्षी दावेदारी को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की तैयारी केवल बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विश्वस्तर पर एक मजबूत खेल तंत्र विकसित करने की दिशा में होनी चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, इवेंट मैनेजरों, खेल अधोसंरचना विशेषज्ञों, उपकरण निर्माताओं, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा करने होंगे।
मजबूत खेल उद्योग से मजबूत खेल भारत
डॉ. मांडविया ने कहा कि विश्वस्तरीय खिलाड़ियों और उपलब्धियों के लिए मजबूत खेल उद्योग का होना आवश्यक है। भारत को आधुनिक खेल उपकरण, गुणवत्तापूर्ण पोषण, चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएं, खेल विज्ञान, डिजिटल तकनीक और अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना की आवश्यकता है।
उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वह खेलों को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में न देखकर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में आगे आए। इससे निवेश, रोजगार, उद्यमिता, स्टार्टअप, नवाचार और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
खेल नीति से वैश्विक उत्कृष्टता तक
कॉन्क्लेव में “Vision 2036: Strengthening Sports Policy and University Leadership for India’s Global Sporting Ambition” विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें नीति-निर्माताओं, खेल प्रशासन, विश्वविद्यालयों और खेल विशेषज्ञों ने भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा पर विचार-विमर्श किया।
चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि Vision 2036 को साकार करने के लिए खेल नीति, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और खेल संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। प्रतिभा की प्रारंभिक पहचान, विश्वविद्यालय आधारित खेल विकास, खेल विज्ञान, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण, प्रशिक्षक विकास और खिलाड़ियों के लिए लचीली एवं संतुलित व्यवस्था जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
भारतीय खेलों का दशक : अनुभव, नेतृत्व और चैम्पियन तैयार करने का रोडमैप
दूसरे पैनल “The Decade of Indian Sports: Creating a Globally Competitive Ecosystem through Collaboration, Innovation and Leadership” में भारतीय खेलों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि आवश्यकता एक संगठित, वैज्ञानिक और निरंतर Athlete Development Pathway तैयार करने की है।
चर्चा में जमीनी स्तर पर प्रतिभा पहचान, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, नियमित प्रतियोगिताओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खिलाड़ी कल्याण और दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास को भारत की वैश्विक खेल सफलता का आधार बताया गया।
कॉन्क्लेव में Sports Science Ecosystem, प्रदर्शन विश्लेषण, रिकवरी, चोट प्रबंधन और Vision 2036 के लिए आवश्यक रणनीतिक रोडमैप पर भी चर्चा हुई। खेल उद्योग, निवेश, प्रौद्योगिकी, खेल अवसंरचना और कॉर्पोरेट सहभागिता को भारत की वैश्विक खेल शक्ति बनाने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
स्पोर्ट्स इंडिया कॉन्क्लेव 2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत का अगला खेल दशक केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मजबूत, वैज्ञानिक, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी Sports Ecosystem तैयार करने का दशक होगा।http://Politicaltrust.in