बिहार को 11.19 लाख पक्के मकानों की सौगात, 13,427 करोड़ रुपये का आवंटन; शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और महिलाओं के लिए भी की अहम घोषणाएं
पटना/नई दिल्ली- प्रधानमंत्री आवास योजना के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार को बड़ी सौगात देते हुए 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकानों की मंजूरी और 13,427 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गरीब परिवारों, किसानों और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
कांग्रेस के वंदे मातरम फैसले पर शिवराज का तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के वंदे मातरम से जुड़े फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वंदे मातरम को अधूरा गाने का फैसला देश की भावना और राष्ट्रगीत का अपमान है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारत माता के सम्मान और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों को प्रेरणा देने वाले इस गीत का पूरा गायन होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय भावना और देश की संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं देखा जाना चाहिए।
गरीब परिवारों को मिलेंगे 11.19 लाख पक्के मकान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार के गरीब परिवारों के लिए 11,18,937 पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 13,427 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने इसका पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि गरीब परिवार के सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है और बिहार में यह संकल्प बड़े स्तर पर साकार हो रहा है।
दो वर्षों में 24.30 लाख मकानों को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिहार को 24 लाख 30 हजार 327 मकानों की मंजूरी दी जा चुकी है। इन मकानों पर 29,164 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों को मिलने वाली यह सहायता उनका अधिकार है, किसी प्रकार की दया या कृपा नहीं।
बिहार में लागू होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब बिहार में लागू की जाएगी। इससे बाढ़, सूखा, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में खेती लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। ऐसे में किसानों को प्राकृतिक जोखिम से सुरक्षा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, खेती को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही हैं।
लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूहों पर विशेष जोर
शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों और जीविका समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इनमें अनेक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ने से केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन के साथ-साथ बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
हर जिले में महिलाओं के उत्पादों के लिए बाजार की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में शी-मार्ट जैसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बिक्री की व्यवस्था मजबूत होने से उनकी आमदनी बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
फार्मर आईडी में बिहार की मजबूत प्रगति
शिवराज सिंह चौहान ने बिहार में फार्मर आईडी की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 53 लाख 83 हजार किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे किसान पंजीकरण से लेकर विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरण तक की प्रक्रिया आसान होगी।
सड़क, घर और खेती ग्रामीण विकास की आधारशिला
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क, घर और खेती ग्रामीण जीवन की बुनियादी जरूरतें हैं। सड़क से गांव बाजारों से जुड़ते हैं, पक्का घर परिवारों को सुरक्षा देता है और मजबूत कृषि व्यवस्था किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार की विकास योजनाओं की भी सराहना की।
कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजस्व एवं पुनर्निर्माण मंत्री विनोद कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, मंत्री सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री सविता गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।http://Politicaltrust.in
