पटना में कृषि जन कल्याण संवाद में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से किया संवाद

 पटना में कृषि जन कल्याण संवाद में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से किया संवाद

Nimmi Thakur 

इंटीग्रेटेड फार्मिंग से घटेगा किसानों का जोखिम, बढ़ेगी आय: शिवराज सिंह चौहान
तीन बीघे मॉडल से परिवार की आय 2 लाख रुपये तक पहुंचने का उदाहरण, प्राकृतिक खेती और ब्रांडिंग पर जोर

पटना/नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना में आयोजित “कृषि जन कल्याण संवाद” में किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि किसान देश की आधारशिला हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

शिवराज सिंह चौहान ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी मॉडल बताते हुए कहा कि कम जमीन में भी खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन, पोल्ट्री, बत्तख पालन, सब्जी और फल उत्पादन जैसे विभिन्न आय स्रोतों को जोड़कर किसान पूरे वर्ष स्थिर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने आईसीएआर के पूर्वी परिसर में लागू इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि 2-3 बीघे के मॉडल में धान के बाद गेहूं, चना, सरसों और मक्का जैसी फसलों के साथ भू-तालाब में मछली पालन, पोल्ट्री यूनिट, बत्तख पालन, बेल वाली सब्जियां, फलदार पेड़ और चारा उत्पादन को जोड़ा जा सकता है। इस तरह के समेकित मॉडल से कई परिवारों की वार्षिक आय लगभग 2 लाख रुपये तक पहुंच रही है।

केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि बड़े क्षेत्र में इसे अपनाने से पहले अपने खेत के एक हिस्से में प्राकृतिक एवं उन्नत खेती का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत प्रभावित हो रही है, इसलिए संतुलित और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर काम करेंगे, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य और बाजार में नई पहचान मिल सके।

कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री ने प्रगतिशील किसानों रामजीत शर्मा, रामकुमार विनय, सुशीला देवी और सुधांशु के अनुभवों और सुझावों की सराहना की।

किसानों के बीच अपने संवाद को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे स्वयं को किसान और जनता का “सेवक” मानते हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में जाकर और गांवों में रहकर ही किसानों की वास्तविक समस्याओं और उनकी जीवनशैली को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि “कृषि जन कल्याण संवाद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके सुझावों को नीति निर्माण से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के किसानों और यहां की मिट्टी से जुड़ी सफल पहलों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा तथा केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से किसानों की आय और जीवनस्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।