चमोली टनल हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने पहुंचे सांसद अनिल बलूनी, बोले-सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता

 चमोली टनल हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने पहुंचे सांसद अनिल बलूनी, बोले-सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता

गोपेश्वर/पीपलकोटी। गढ़वाल लोकसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने शुक्रवार को चमोली के पीपलकोटी स्थित आपदा प्रभावित टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति और टनल में फंसे श्रमिकों की स्थिति की जानकारी ली।

टनल में फंसे कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सांसद बलूनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक तकनीकी एवं मानवीय सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।

इसके बाद अनिल बलूनी ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों का हालचाल जाना और उनके उपचार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन से घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली।

सांसद ने निर्देश दिए कि घायल श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने दवाइयों, आवश्यक जांच, भोजन और अन्य चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि घायल श्रमिकों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का तत्काल संज्ञान लेकर उन्हें आवश्यक सहयोग दिया जाए।

हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के प्रति अनिल बलूनी ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में वे शोकाकुल परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भगवान बद्री विशाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

बलूनी ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य पूर्ण होने तक प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा। श्रमिकों की सुरक्षा और उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।http://Politicaltrust.in