ई20 पेट्रोल पर उठे सवालों का ओएमसी ने दिया जवाब, देशभर की जांच में नमी और क्लोराइड के दावों की नहीं हुई पुष्टि

 ई20 पेट्रोल पर उठे सवालों का ओएमसी ने दिया जवाब, देशभर की जांच में नमी और क्लोराइड के दावों की नहीं हुई पुष्टि

Political Trust Magazine

दिल्ली- ई20 पेट्रोल में नमी (मोइश्चर) और क्लोराइड की अधिक मात्रा होने संबंधी हालिया दावों के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने देशव्यापी जांच के बाद स्पष्ट किया है कि ईंधन की गुणवत्ता पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप है। कंपनियों ने कहा कि व्यापक और वैज्ञानिक परीक्षणों में ईंधन के दूषित होने या 500 पीपीएम क्लोराइड जैसे दावों की पुष्टि नहीं हुई।

ओएमसी के अनुसार, रिफाइनरी से लेकर डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंपों तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में अतिरिक्त जांच की गई। 100 से अधिक रिफाइनरी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पीपीएम या उससे कम पाया गया, जबकि 80 डिस्टिलरी से लिए गए सभी एथेनॉल नमूनों में यह 3 पीपीएम से कम रहा। इसी तरह, डिपो और टर्मिनलों से लिए गए 80 से अधिक नमूनों तथा पेट्रोल पंपों से लिए गए 160 से अधिक नमूनों में भी क्लोराइड का स्तर 0 से 3 पीपीएम के बीच पाया गया।

कंपनियों ने बताया कि पूरे देश के लगभग 90 हजार पेट्रोल पंपों पर भूमिगत ईंधन टैंकों की प्रतिदिन 8 से 12 बार जांच की जा रही है। अब तक किसी भी स्थान पर पानी की मिलावट (वॉटर इंग्रेस) का कोई मामला सामने नहीं आया है। गुणवत्ता निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं तथा परीक्षण परिणामों का स्वतंत्र प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराया जा रहा है।

ओएमसी ने कहा कि केवल दो अलग-अलग मामलों में क्लोराइड का स्तर अपेक्षाकृत अधिक मिला था। संबंधित आपूर्ति को तत्काल रोककर कारणों की जांच की गई और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के बाद ही आपूर्ति बहाल की गई।

कंपनियों ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि ई20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है। ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति श्रृंखला में लगातार निगरानी और वैज्ञानिक परीक्षण किए जा रहे हैं, इसलिए उपभोक्ता बिना किसी चिंता के ई20 पेट्रोल का उपयोग कर सकते हैं।

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