राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर विशेष प्रदर्शनी: ‘कपड़े के भीतर की दुनिया: बुनाई के नए क्रम’ 6 से 19 अगस्त तक राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में
नई दिल्ली-भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की ओर से 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में ‘कपड़े के भीतर की दुनिया: बुनाई के नए क्रम’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 5 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी, नई दिल्ली के विरासत हॉल में होगा।
प्रदर्शनी 6 से 19 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इसका उद्देश्य समकालीन वस्त्र निर्माण पद्धतियों और भारत की समृद्ध हथकरघा परंपराओं के बीच विकसित होते संबंधों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है।
उद्घाटन समारोह में वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव मुख्य अतिथि होंगी। इस अवसर पर विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) श्रीमती अमृत राज तथा पद्म भूषण श्री राजीव सेठी भी उपस्थित रहेंगे।
श्रेयांसि सिंह द्वारा क्यूरेट की गई इस प्रदर्शनी में समकालीन वस्त्र कलाकारों, डिजाइनरों और शिल्प समूहों की रचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। शोध-आधारित परियोजनाओं, कलाकार-कारीगर सहयोग और रचनात्मक इंस्टॉलेशन के माध्यम से यह प्रदर्शनी वस्त्र निर्माण के सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयामों को सामने लाएगी।
प्रदर्शनी में आद्यम हैंडवॉवन, अब्राहम एंड ठाकोर, आस्था बुटेल, बोइटो, चाणक्य स्कूल, कुन्नूर एंड कंपनी, जागृति फुकन, जयिता चटर्जी, कार्दो, मोरी, नीरज पटेल, पोरगई कारीगर संघ, श्रद्धा कोचर, सृजन, स्टूडियो मीडियम, उज्जल डे और 23 एन 69 ई सहित कई प्रतिष्ठित कलाकारों और संस्थानों की कृतियां प्रदर्शित होंगी। यह आयोजन भारत की हथकरघा विरासत और आधुनिक रचनात्मक प्रयोगों के बीच बढ़ते संवाद को भी रेखांकित करेगा।
प्रदर्शनी का उद्देश्य वस्त्र को केवल परिधान नहीं, बल्कि ज्ञान, सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में स्थापित करना है। साथ ही यह आयोजन पारंपरिक शिल्प कौशल, नवाचार, स्थिरता और समकालीन कला के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देगा।
