जनगणना कार्य में लापरवाही पर 200 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस, 10 पर एफआईआर
- उत्तर प्रदेश राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- May 29, 2026
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गाजियाबाद। गाजियाबाद में जनगणना 2027 अभियान के कार्य लगे कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर जनगणना कार्य में लापरवाही पर करीब 200 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जनगणना कार्य में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 10 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गाजियाबाद में जनगणना 2027 का पहला चरण
गाजियाबाद में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। गाजियाबाद में घर-घर जाकर सूची बनाने का अभियान जारी है। जनगणना 2027 अभियान में लगे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। जिला प्रशासन को इसके बारे में शिकायतें मिली कि कुछ कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ प्रगणक बिना बताए अपनी डयूटी से अनुपस्थित रहते ह हैं। कुछ प्रगणकों ने अपने क्षेत्र में जाकर आधा-अधूरा डेटा भरकर खानापूर्ति कर दी है।
डीएम ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने तीन स्तरीय जांच करवाई। जिसमें ब्लॉक स्तर,तहसीलदार और एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने मौके का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में करीब 200 कर्मचारी अपनी डयूटी से नदारद मिले या उनके काम में बड़ी खामियां पाई गईं।
तीन दिन नोटिस का जवाब मांगा
जिला प्रशासन ने पहले चरण में 200 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में 3 दिन के अंदर जवाब मांगा गया। कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर उनका वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
10 कर्मचारियों ने दर्ज की फर्जी एंट्री
जिला प्रशासन ने 10 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। इन 10 कर्मचारियों पर जनगणना कार्य के दौरान फर्जी एंट्री करने, बिना क्षेत्र की विजिट के फॉर्म भरने और जानबूझकर डेटा गलत दर्ज करने का आरोप है। जिला सांख्यिकी अधिकारी की तहरीर पर सभी 10 कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित थानों में सरकारी कार्य में बाधा और कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
डीएम बोले लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा है कि जनगणना अभियान राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इससे सरकार की योजनाएं बनती हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना कार्य में लगे सभी प्रगणक और सुपरवाइजर को इसके लिए ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद भी लापरवाही करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में है।
एसडीएम से ली जा रही प्रतिदिन रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि रोजाना शाम को सभी एसडीएम से रिपोर्ट ली जा रही है। जिस क्षेत्र में प्रगति धीमी है। वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि जनगणना कार्य से जुड़े हर कर्मचारी की मॉनिटरिंग मोबाइल एप से हो रही है। जीपीएस लोकेशन से पता चल रहा है कि कौन कर्मचारी क्षेत्र में है और कौन नहीं।
सभी विभागाध्यक्षों को दिए निर्देश
डीएम रविंद्र कुमार मांदड ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों को तुरंत रिलीव करें। किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी कटवाने के लिए डीएम स्तर से अनुमति लेनी जरूरी होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब अगर निरीक्षण में लापरवाही मिली तो सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। इसी के साथ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
डिजिटल माध्यम से हो रही जनगणना
जनगणना 2027 डिजिटल माध्यम से हो रही है। इसमें मकान सूचीकरण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट किया जा रहा है। गलत डेटा से भविष्य की विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि प्रशासन इस बार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।http://Politicaltrust.in
गाजियाबाद में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। गाजियाबाद में घर-घर जाकर सूची बनाने का अभियान जारी है। जनगणना 2027 अभियान में लगे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। जिला प्रशासन को इसके बारे में शिकायतें मिली कि कुछ कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ प्रगणक बिना बताए अपनी डयूटी से अनुपस्थित रहते ह हैं। कुछ प्रगणकों ने अपने क्षेत्र में जाकर आधा-अधूरा डेटा भरकर खानापूर्ति कर दी है।
डीएम ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने तीन स्तरीय जांच करवाई। जिसमें ब्लॉक स्तर,तहसीलदार और एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने मौके का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में करीब 200 कर्मचारी अपनी डयूटी से नदारद मिले या उनके काम में बड़ी खामियां पाई गईं।
तीन दिन नोटिस का जवाब मांगा
जिला प्रशासन ने पहले चरण में 200 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में 3 दिन के अंदर जवाब मांगा गया। कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर उनका वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
10 कर्मचारियों ने दर्ज की फर्जी एंट्री
जिला प्रशासन ने 10 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। इन 10 कर्मचारियों पर जनगणना कार्य के दौरान फर्जी एंट्री करने, बिना क्षेत्र की विजिट के फॉर्म भरने और जानबूझकर डेटा गलत दर्ज करने का आरोप है। जिला सांख्यिकी अधिकारी की तहरीर पर सभी 10 कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित थानों में सरकारी कार्य में बाधा और कूटरचना की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
डीएम बोले लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा है कि जनगणना अभियान राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इससे सरकार की योजनाएं बनती हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना कार्य में लगे सभी प्रगणक और सुपरवाइजर को इसके लिए ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद भी लापरवाही करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में है।
एसडीएम से ली जा रही प्रतिदिन रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि रोजाना शाम को सभी एसडीएम से रिपोर्ट ली जा रही है। जिस क्षेत्र में प्रगति धीमी है। वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि जनगणना कार्य से जुड़े हर कर्मचारी की मॉनिटरिंग मोबाइल एप से हो रही है। जीपीएस लोकेशन से पता चल रहा है कि कौन कर्मचारी क्षेत्र में है और कौन नहीं।
सभी विभागाध्यक्षों को दिए निर्देश
डीएम रविंद्र कुमार मांदड ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अधीनस्थ कर्मचारियों को तुरंत रिलीव करें। किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी कटवाने के लिए डीएम स्तर से अनुमति लेनी जरूरी होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब अगर निरीक्षण में लापरवाही मिली तो सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। इसी के साथ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
डिजिटल माध्यम से हो रही जनगणना
जनगणना 2027 डिजिटल माध्यम से हो रही है। इसमें मकान सूचीकरण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट किया जा रहा है। गलत डेटा से भविष्य की विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि प्रशासन इस बार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।http://Politicaltrust.in
