दुनियाभर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी: पीएम मोदी

 दुनियाभर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी: पीएम मोदी
गिर सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। आज सोमवार को गिर सोमनाथ में भव्य रोड शो के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर में कुंभाभिषेक और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री आज शाम  वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जब मैं पिछली बार यहां आया था, तब मैंने कहा था कि जिसके नाम में ही सोम अर्थात अमृत जुड़ा हो, उसे कौन नष्ट कर सकता है। इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश ने पोखरण परमाणु परीक्षण को ऑपेरशन शक्ति नाम दिया था, क्योंकि, शिव के साथ शक्ति की आराधना ही हमारी परंपरा रही है। शिव और शक्ति की हमारी आराधना का जो विचार है, वो देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए भी प्रेरणा बने। आज हम ये संकल्प भी साकार होते देख रहे हैं। मैं इस अवसर पर भगवान सोमनाथ के चरणों से सभी देशवासियों को ऑपेरशन शक्ति की वर्षगांठ की भी बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, दुनियाभर की शक्तियां भारत को दबोचने के लिए मैदान में उतरी। अनेक प्रकार के बंधन लग गए। आर्थिक संभावनाओं के सारे रास्ते बंद कर दिए गए। 11 मई के बाद दुनिया हम पर टूट पड़ी थी। लेकिन 13 मई को फिर दो और परमाणु परीक्षण हुए थे। उससे दुनिया को पता चला था कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी अटल है। उस समय पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था। लेकिन अटल जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने दिखाया था कि हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है। दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती, दबाव में नहीं ला सकती।