बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 90 दिन से ज्यादा बकाया कर्ज माना जाएगा एनपीए
नई दिल्ली। लंबे समय के इंतजार और तैयारी के बाद बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव दस्तक देने वाला है। आरबीआई ने बैंकों के लिए ऐसे नए नियम जारी किए हैं, जो आने वाले समय में कर्ज देने से लेकर मुनाफा दिखाने तक सब कुछ बदल सकते हैं। इसके तहत, अगर कोई कर्ज 90 दिन से ज्यादा समय तक बकाया रहा, तभी उसे एनपीए यानी खराब कर्ज माना जाएगा। नया नियम एक अप्रैल, 2027 से लागू होगा। आरबीआई ने संपत्ति वर्गीकरण, एनपीए प्रोविजनिंग और आय की पहचान से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) आधारित ढांचा है। इसके तहत, बैंक को लगता है कि किसी कर्ज में भविष्य में नुकसान हो सकता है, तो उसे पहले से रकम अलग रखनी होगी। अब तक प्रणाली में नुकसान होने के बाद प्रावधान होता था, लेकिन अब नुकसान होने की संभावना पर प्रावधान करना होगा।
आरबीआई ने ईसीएल आधारित ढांचे को अपनाने के लिए और अधिक समय देने की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, नई प्रणाली अगले साल एक अप्रैल से ही लागू होगी। केंद्रीय बैंक ने इस संबंध में 7 अक्तूबर, 2025 को पहली बार जारी किए गए मसौदे पर मिले इस सुझाव को अस्वीकार करते हुए कहा, बैंकों को नए ढांचे के कार्यान्वयन के लिए अपनी आंतरिक व्यवस्था तैयार करने को एक साल का समय दिया गया है।
