हिंडन एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ना होगा आसान, वैशाली से गोकुलपुरी तक दौड़ेगी मेट्रो

 हिंडन एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ना होगा आसान, वैशाली से गोकुलपुरी तक दौड़ेगी मेट्रो

गाजियाबाद। दिल्ली के लोगों के लिए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ना अब आसान होगा। गाजियाबाद के वैशाली से दिल्ली के गोकुलपुरी तक अब मेट्रो दौड़ेगी। इससे गाजियाबाद और दिल्ली के लाखों लोगों को लाभ होगा। इस मेट्रो प्रोजेक्ट के पूरा होने से ट्रैफिक जाम से जूझने वाले यात्रियों और हिंडन एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने वालों के लिए सफर सुहाना होगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने गाजियाबाद के सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है। जीडीए के सचिव विवेक कुमार मिश्रा के अनुसार हालांकि अभी तक परियोजना रिपोर्ट प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुई है।

दिल्ली से यूपी के बीच दूरी होगी कम

मेट्रो के इस नए प्रोजेक्ट के तहत वैशाली से गोकुलपुरी तक मेट्रो दौड़ेगी। जिससे न केवल दिल्ली-यूपी के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि हिंडन एयरपोर्ट तक पहुंचना भी आसान होगा। गाजियाबाद के शहर और यातायात को नई रफ्तार देने के लिए मेट्रो का ये प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा। अधिकारियों के अनुसार, गोकुलपुरी-वैशाली-मोहननगर रूट सबसे अहम रूट साबित होगा।

वैशाली से गोकुलपुरी ‘गेम चेंजर’ रूट

वैशाली से गोकुलपुरी मेट्रो रूट की कुल लंबाई करीब 16 किलोमीटर प्रस्तावित है। यह रूट केवल एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि यह दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से को सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले और यातायात बाहुल्य मोहननगर और वैशाली से सीधा जोड़ेगा। फिलहाल दिल्ली से हिंडन एयरपोर्ट जाने के लिए यात्रियों को ऑटो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं। इस कॉरिडोर के बनने के बाद, दिल्ली के दूर-दराज के इलाकों से आने वाले लोग भी सीधे मेट्रो से हिंडन एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।

इन इलाकों को मिलेगा लाभ?

प्राथमिक डीपीआर के अनुसार, इस 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में

दिल्ली का गोकुलपुरी, गगन विहार, गाजियाबाद का पसौडा, हिंडन एयरपोर्ट, मोहननगर, साहिबाबाद और

अंतिम स्टेशन वैशाली होगा। इन इलाकों के जुड़ने से गाजियाबाद और दिल्ली के लाखों यात्रियों को प्रतिदिन के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

मोहननगर बनेगा बड़ा इंटरचेंज पॉइंट :—

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मोहननगर एक बड़ा इंटरचेंज पॉइंट बनेगा। जहां से यात्री रेड लाइन मेट्रो और अन्य प्रस्तावित रूटों के लिए ट्रेन बदल सकेंगे। यहीं से नमो भारत ट्रेन को पकड़कर मोदीनगर और मेरठ की ओर यात्री जा सकेंगे।

नोएडा और साहिबाबाद के बीच भी जुड़ेगी कड़ी:—

सिर्फ वैशाली-गोकुलपुरी ही नहीं, बल्कि डीएमआरसी और जीडीए की योजना में दो और महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं। इसमें से एक है नोएडा सेक्टर-62 (इलेक्ट्रॉनिक सिटी) से साहिबाबाद तक का विस्तार लगभग 5.1 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कुल 5 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें वैभव खंड, शक्ति खंड, डीपीएस इंदिरापुरम, वसुंधरा और साहिबाबाद जैसे घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। इस रूट के बनने से नोएडा से गाजियाबाद और साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया जाने वाले लोगों को सीधा फायदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि साहिबाबाद स्टेशन पर मेट्रो और ‘नमो भारत’ (आरआरटीएस) का जुड़ाव होगा, जिससे यात्री चंद मिनटों में मेरठ या दिल्ली पहुंच सकेंगे।

पुराना रेलवे स्टेशन भी मेट्रो के नक्शे पर

मेट्रो के तीसरे रूट के रूप में जीडीए ने शहीद स्थल (नया बस अड्डा) मेट्रो स्टेशन से गाजियाबाद पुराने रेलवे स्टेशन तक के विस्तार को हरी झंडी दी है। यह लगभग तीन किलोमीटर का छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। वर्तमान में यात्रियों को नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो या रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे जीटी रोड पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो के इस विस्तार से रेल यात्री सीधे मेट्रो कोच में चढ़ सकेंगे और गाजियाबाद के पुराने हिस्से को दिल्ली की लाइफलाइन से सीधा जुड़ाव मिल जाएगा।

कॉरिडोर का बजट 4800 करोड़ रुपये:—

गाजियाबाद को आने वाले मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स की अनुमानित बजट 4800 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, इतनी बड़ी राशि जुटाना गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती है। इससे पहले भी कई बार मेट्रो विस्तार की योजनाएं बनीं, लेकिन बजट की कमी के कारण ये प्रोजेक्ट फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए।

केंद्र और राज्य सरकार से फंडिंग का रास्ता साफ

बजट को लेकर जीडीए को इस बार उम्मीद की किरण दिख रही है। नमो भारत (रैपिड रेल) और मेट्रो के एकीकरण की नीति से केंद्र और राज्य सरकार से फंडिंग का रास्ता साफ हो सकता है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि ‘नमो भारत’ के साथ फीडर के रूप में काम करने पर इन प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मदद आसानी से मिल जाएगी।

तीन बड़े ट्रांसपोर्ट सिस्टम वाला प्रदेश का पहला शहर गाजियाबाद

तीनों कॉरिडोर समय पर पूरे होते हैं, तो गाजियाबाद इस प्रदेश का पहला ऐसा शहर होगा। जहां एक साथ तीन बड़े ट्रांसपोर्ट सिस्टम मेट्रो, नमो भारत और भारतीय रेलवे का एक व्यवस्थित और इंटीग्रेटेड नेटवर्क होगा। डीएमआरसी अपनी रिपोर्ट में रूट पर पड़ने वाले स्टेशनों के सटीक स्थान और तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दे रही है।

जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने प्राधिकरण से गाजियाबाद मेट्रो के चार विस्तार परियोजनाओं पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की अनुमति मांगी है। राज्य सरकार आगे की धनराशि का विभाजन तथा विभिन्न एजेंसियों को वहन करने वाली हिस्सेदारी का निर्णय करेगी।

इन प्रस्तावित मेट्रो विस्तारों में निम्न शामिल हैं।

1. गाजियाबाद मेट्रो ब्लू लाइन एक्सटेंशन – साहिबाबाद से नोएडा सेक्टर 62

परियोजना की अनुमानित लागत 1,873.31 करोड़ रुपये है।

इसके लिए 7,690.10 वर्ग मीटर निजी भूमि और 19,001.2 वर्ग मीटर सरकारी भूमि की आवश्यकता है।

जीडीए ने प्रस्ताव दिया है कि जीडीए, यूपी आवास विकास और कुछ अन्य एजेंसियां परियोजना लागत का 80% वहन करेंगी।

2.गाजियाबाद मेट्रो ब्लू लाइन एलिवेटेड एक्सटेंशन – मोहन नगर से वैशाली तक। प्रस्तावित मेट्रो विस्तार परियोजना का उद्देश्य मोहन नगर से वैशाली तक मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करना है। इस परियोजना के लगभग 4 किलोमीटर की कुल दूरी तय करने की उम्मीद है, और यात्रियों की सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मार्ग पर कई स्टेशन बनाने की योजना है। मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई लगभग 4 किलोमीटर होगी, जो मोहन नगर को वैशाली से जोड़ेगा। इस मार्ग पर चार मेट्रो स्टेशन होंगे।

यह गलियारा कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा और दैनिक यात्रियों के लिए एक विश्वसनीय परिवहन विकल्प के साथ यात्रा समय को कम करेगा।

3. गाजियाबाद मेट्रो रेड लाइन एक्सटेंशन – नया बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक

मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई लगभग 3 किमी होगी।

मेट्रो मार्ग पर एक मेट्रो स्टेशन होगा।

इससे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

4. गाजियाबाद मेट्रो रेड लाइन एक्सटेंशन – गोकुलपुरी से अर्थला मेट्रो स्टेशन तक। यह मेट्रो मार्ग 12 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेट्रो मार्ग गाजियाबाद मेट्रो पिंक लाइन पर एक इंटरचेंज स्टेशन प्रदान करेगा।