स्मार्ट बिजली मीटर और ओवरबिलिंग को लेकर सीएम योगी का कड़ा रुख

 स्मार्ट बिजली मीटर और ओवरबिलिंग को लेकर सीएम योगी का कड़ा रुख
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर और ओवरबिलिंग को लेकर मिल रही शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए इनकी गहन जांच के आदेश दिए हैं। अपने सरकारी आवास पर ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है और यदि उसे सही समय पर सटीक बिल मिले, तो वह भुगतान में देरी नहीं करता। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना किसी स्पष्ट गलती के किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
विशेषज्ञ समिति करेगी शिकायतों की जांच
“ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” ने तय समय से पहले हासिल किए लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए एक ‘विशेषज्ञ समिति’ गठित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1912) और अन्य डिजिटल माध्यमों को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया ताकि उपभोक्ताओं को अपनी समस्या बताने में कोई असुविधा न हो।
विकास के आंकड़े और उत्पादन क्षमता
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 में प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 1.65 करोड़ थी, जो 2026 में बढ़कर 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है (लगभग 126% वृद्धि)। वर्तमान में कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। मुख्यमंत्री ने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं (मेजा, ओबरा-डी, अनपरा-ई) को शीघ्र स्वीकृति देने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ‘पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं।
गर्मी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्देश
ग्रीष्मकालीन मांग को देखते हुए सीएम योगी ने सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यूनतम 5 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए और कृषि फीडर पृथक्करण के कार्य समय पर पूरे हों। साथ ही, ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज करने और बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने के निर्देश भी दिए गए। विजिलेंस की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें संवेदनशीलता बरती जाए और आम आदमी को अनावश्यक परेशानी न हो।