हरियाणा ‘कैश-फॉर-सीट’ कांड मामले में केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी के पीए पर FIR
- राष्ट्रीय हरियाणा
Political Trust
- April 1, 2026
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नई दिल्ली/मलप्पुरम। हरियाणा की सियासत में ‘टिकट वितरण’ को लेकर शुरू हुई चिंगारी अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक शोले में तब्दील हो गई है। कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महासचिव सुचित्रा सिंह के आरोपों के बाद दिल्ली के वीवीआईपी इलाके नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज हुई एफआईआर ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान बावल सीट से टिकट दिलाने के नाम पर कथित तौर पर सात करोड़ रुपये की सौदेबाजी की गई। इस मामले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
7 करोड़ की ‘डील’ और पुलिस के सामने पेश हुए साक्ष्य
सोनीपत निवासी सुचित्रा सिंह और उनके पति गौरव कुमार ने दिल्ली पुलिस के सामने पेश होकर अपने दावों के समर्थन में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। गौरव ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा, “हमने सबूतों के साथ शिकायत दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो वे उन तीन अन्य सांसदों के नामों का भी खुलासा करेंगे जो इस ‘कमीशन के खेल’ में शामिल थे।
एफआईआर में प्रियंका गांधी के पीए और वेणुगोपाल नामजद
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (विश्वासघात) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में प्रियंका गांधी के निजी सहायक (PA) शाहब अहमद खान, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, उनके पीए अंश अली और वरिष्ठ सांसद के. सुरेश को मुख्य रूप से नामजद किया गया है। पुलिस अब इन हाई-प्रोफाइल नामों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड्स की पड़ताल में जुट गई है।
सीएम विजयन का तंज: “भ्रष्टाचार पर दोहरा मापदंड”
इधर, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मलप्पुरम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उम्मीदवारी अब राजनीतिक योग्यता के बजाय ‘खरीदो या भुगतान करो’ जैसी वस्तु बन गई है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो कांग्रेस केरल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, वह अपने घर में लगे इतने गंभीर आरोपों पर आंतरिक जांच कराने में भी विफल रही है। क्या सात करोड़ रुपये लेकर टिकट बेचना ही कांग्रेस की नई कार्य-संस्कृति है?”
सोनीपत निवासी सुचित्रा सिंह और उनके पति गौरव कुमार ने दिल्ली पुलिस के सामने पेश होकर अपने दावों के समर्थन में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। गौरव ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा, “हमने सबूतों के साथ शिकायत दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो वे उन तीन अन्य सांसदों के नामों का भी खुलासा करेंगे जो इस ‘कमीशन के खेल’ में शामिल थे।
एफआईआर में प्रियंका गांधी के पीए और वेणुगोपाल नामजद
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (विश्वासघात) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में प्रियंका गांधी के निजी सहायक (PA) शाहब अहमद खान, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, उनके पीए अंश अली और वरिष्ठ सांसद के. सुरेश को मुख्य रूप से नामजद किया गया है। पुलिस अब इन हाई-प्रोफाइल नामों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड्स की पड़ताल में जुट गई है।
सीएम विजयन का तंज: “भ्रष्टाचार पर दोहरा मापदंड”
इधर, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मलप्पुरम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उम्मीदवारी अब राजनीतिक योग्यता के बजाय ‘खरीदो या भुगतान करो’ जैसी वस्तु बन गई है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो कांग्रेस केरल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है, वह अपने घर में लगे इतने गंभीर आरोपों पर आंतरिक जांच कराने में भी विफल रही है। क्या सात करोड़ रुपये लेकर टिकट बेचना ही कांग्रेस की नई कार्य-संस्कृति है?”
