एआई सम्मेलन में पाकिस्तान को बुलावा नहीं, भारत ने चीन और बांग्लादेश को न्योता भेजा
नई दिल्ली। भारत में होने वाला एआई समिट में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया है, जबकि चीन और बांग्लादेश को निमंत्रण दिया गया है। इस समिट में कई देशों के नेता और विशेषज्ञ मिलकर सुरक्षित, मानव-केंद्रित एआई और डीपफेक जैसी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। भारत इस मंच के जरिए अपने स्वदेशी एआई मॉडल्स को आगे बढ़ाकर दुनिया, खासकर वैश्विक, में मजबूत पहचान बनाना चाहता है। ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया व फ्रांस के बाद अब चौथा वैश्विक एआई समिट नई दिल्ली में होने जा रहा है। भारत ने इसमें 100 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों ,मंत्रियों, राजनयिकों व तकनीकी वविशेषज्ञों व उद्यमियों को आमंत्रित किया है। लेकिन इसमें पड़ोसी देश पाकिस्तान नहीं है। बांग्लादेश, चीन, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे अन्य पड़ोसी देशों को न्योता भेजा गया है।
विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को नहीं बुलाया गया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि भारत का जोर उन देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर है जो जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव केंद्रित आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस विकसित करने के साझा दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। इस समिट के बाद एक आउटकम दस्तावेज भी जारी होगा। 20 राष्ट्र प्रमुख, 45 देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इसमें शिरकत करेंगे। अब तक 2 लाख से ज्यादा का पंजीकरण हो चुके हैं।
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण एनवीडिया ने उनकी यात्रा रद्द की है, लेकिन कंपनी अपना उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेज रही है। एनवीडिया उन प्रमुख खिलाड़ियों में से एक है जो अपने तेज प्रोसेसिंग वाले जीपीयू सर्वरों के कारण एआई इकोसिस्टम पर अपना दबदबा बनाए हुए है।
डीपफेक की चुनौतियों से निपटने पर भी होगी चर्चा
समिट के जरिये भारत वैश्विक एआई के मैदान में मजबूत दावेदारी दिखाएगा। इस आयोजन में विभिन्न देशों के नीति नियंता, उद्यमी, टेक दिग्गज और शोधकर्ता एआई की जरूरतों व चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे। मुख्य आयोजन 19 फरवरी को उद्घाटन के साथ शुरू होगा। इन उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही उन निष्कर्षों को अंतिम रूप देकर विजन डाक्यूमेंट जारी होगा। इसके जरिये भारत की कोशिश ग्लोबल साउथ में एआई क्रांति की आवाज बनने की है। समिट 2026 का उद्देश्य लोकतांत्रिक, समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है। समिट में डीपफेक की चुनौतियों से निपटने में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।
