भारत और नेपाल के बीच कानूनी सहायता समझौते पर हस्ताक्षर, आपराधिक मामलों में मदद
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- February 18, 2026
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नई दिल्ली। आज भारत और नेपाल ने हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है। यह समझौता आपराधिक मामलों में कानूनी सहायता कर लिए है। इस में दोनों देशों के अधिकारियों को आपराधिक जांच और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने में मदद मिलेगी।
भारत और नेपाल ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस में दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों को आपराधिक जांच और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने में मदद मिलेगी। यह समझौता कई वर्षों की बातचीत के बाद हुआ है। पिछले साल जुलाई में नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक में सहमति बनी थी। हालांकि इसपर मंगलवार को काठमांडू में हस्ताक्षर किए गए। इससे वित्तीय और गैर-वित्तीय अपराधों के साथ-साथ आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग को औपचारिक रूप दिया गया।
समझौते से कानून के शासन को मजबूती मिलेगी
कानून मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल के विधि, न्याय और संसदीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव बिनोद कुमार भट्टराई और नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने विधि मंत्री अनिल कुमार सिन्हा और कई मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अपनी-अपनी सरकारों की ओर से दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने कहा, “इससे आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन और न्यायिक कार्यवाही के दौरान साक्ष्य एकत्र करने और आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों के बीच सहयोग के लिए एक औपचारिक कानूनी ढांचा उपलब्ध होगा।” मंत्रालय ने आगे कहा कि इस समझौते से कानून के शासन को मजबूत करने और न्याय प्रशासन में संस्थागत समन्वय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
समझौते से कानून के शासन को मजबूती मिलेगी
कानून मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल के विधि, न्याय और संसदीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव बिनोद कुमार भट्टराई और नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने विधि मंत्री अनिल कुमार सिन्हा और कई मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अपनी-अपनी सरकारों की ओर से दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने कहा, “इससे आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन और न्यायिक कार्यवाही के दौरान साक्ष्य एकत्र करने और आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों के बीच सहयोग के लिए एक औपचारिक कानूनी ढांचा उपलब्ध होगा।” मंत्रालय ने आगे कहा कि इस समझौते से कानून के शासन को मजबूत करने और न्याय प्रशासन में संस्थागत समन्वय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
