भारतीय कृषि उत्पादों की अमेरिका के बाजारों में मचेगी धूम! मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’
- कारोबार दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- February 11, 2026
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नई दिल्ली। भारत को 160 अरब डॉलर के आयात बाजार के लिए 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क पर वरीयता पहुंच भी मिलेगी, जो निकट भविष्य में निर्यात की अपार संभावनाओं को दर्शाता है
भारत अपने कृषि उत्पादों का अमेरिका में अधिक निर्यात कर सकेगा। सरकारी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि निर्यात को बढ़ाने में अमेरिका के साथ कृषि व्यापार के मौजूदा अधिशेष से मदद मिलेगी।
भारत का वर्ष 2024 के दौरान समुद्री उत्पादों को हटाकर कृषि निर्यात 3.4 अरब डॉलर रहा जबकि आयात 2.1 अरब डॉलर था। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत को लगभग 46 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात बाजार में बिना शुल्क के प्रवेश मिला है। शुल्क-मुक्त उत्पाद का पहले से ही भारत से अमेरिका के आयात में लगभग 1.4 अरब डॉलर का हिस्सा हैं। इनमें मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फल, चाय, कॉफी और आवश्यक तेल हैं।
भारत को 160 अरब डॉलर के आयात बाजार के लिए 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क पर वरीयता पहुंच भी मिलेगी, जो निकट भविष्य में निर्यात की अपार संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र को लगभग 25 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात बाजार खंड में 18 प्रतिशत की शुल्क दर पर पहुंच प्राप्त होती है जो विस्तार के लिए महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
भारत का वर्ष 2024 के दौरान समुद्री उत्पादों को हटाकर कृषि निर्यात 3.4 अरब डॉलर रहा जबकि आयात 2.1 अरब डॉलर था। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत को लगभग 46 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात बाजार में बिना शुल्क के प्रवेश मिला है। शुल्क-मुक्त उत्पाद का पहले से ही भारत से अमेरिका के आयात में लगभग 1.4 अरब डॉलर का हिस्सा हैं। इनमें मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फल, चाय, कॉफी और आवश्यक तेल हैं।
भारत को 160 अरब डॉलर के आयात बाजार के लिए 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क पर वरीयता पहुंच भी मिलेगी, जो निकट भविष्य में निर्यात की अपार संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र को लगभग 25 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात बाजार खंड में 18 प्रतिशत की शुल्क दर पर पहुंच प्राप्त होती है जो विस्तार के लिए महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
