राजस्थान सरकार के बजट में फैसले…युवकों को लोन, छात्रों को ई-वाउचर
- राजनीति राजस्थान राष्ट्रीय
Political Trust
- February 11, 2026
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जयपुर। राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें युवाओं, शिक्षा और रोजगार पर खास जोर दिया गया है।
राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने आज विधानसभा में भजनलाल सरकार का तीसरा पूर्ण बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में युवाओं, शिक्षा, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने, भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने और स्कूल-कॉलेजों की हालत सुधारने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।
मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के तहत युवाओं को लोन दिया जाएगा। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 30 हजार युवाओं को फायदा मिलेगा। इसके अलावा 1 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की घोषणा भी की गई है, ताकि वे अपना काम शुरू कर सकें।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनाई जाएगी। साथ ही अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे, ताकि परीक्षाएं ज्यादा साफ और आसान तरीके से हो सकें।
सरकार छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ई-वाउचर देगी, जिससे वे साइकिल और लैपटॉप खरीद सकेंगे। कक्षा 6वीं, 8वीं और 12वीं के छात्रों को 20-20 हजार रुपये के डीबीटी वाउचर मिलेंगे। कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को निशुल्क साइकिल दी जाएगी, इसके लिए भी ई-वाउचर जारी होंगे। इस पूरी योजना पर सरकार करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
प्रदेश में 2,500 स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी, जिस पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 300 ऐसे स्कूल जिनके पास अपना भवन नहीं है, उनके लिए नए भवन बनाए जाएंगे, इस पर 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 300 से ज्यादा जर्जर हालत वाले स्कूलों को भी ठीक किया जाएगा। छात्रावासों के काम भी कराए जाएंगे।
आंगनबाड़ी और बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’
प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’ यानी खेल सामग्री और किट दी जाएगी। इस पर सरकार 323 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मकसद बच्चों को खेल-खेल में अच्छी शिक्षा से जोड़ना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना है।
व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ेगा
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को और बढ़ाया जाएगा। अभी 4,019 स्कूलों में यह सुविधा है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 500 और स्कूलों में इसे शुरू किया जाएगा। इस योजना पर 51 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च होंगे, जिससे संसाधन, उपकरण, प्रशिक्षण सामग्री और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के तहत युवाओं को लोन दिया जाएगा। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 30 हजार युवाओं को फायदा मिलेगा। इसके अलावा 1 लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की घोषणा भी की गई है, ताकि वे अपना काम शुरू कर सकें।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनाई जाएगी। साथ ही अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे, ताकि परीक्षाएं ज्यादा साफ और आसान तरीके से हो सकें।
सरकार छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए ई-वाउचर देगी, जिससे वे साइकिल और लैपटॉप खरीद सकेंगे। कक्षा 6वीं, 8वीं और 12वीं के छात्रों को 20-20 हजार रुपये के डीबीटी वाउचर मिलेंगे। कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को निशुल्क साइकिल दी जाएगी, इसके लिए भी ई-वाउचर जारी होंगे। इस पूरी योजना पर सरकार करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
प्रदेश में 2,500 स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी, जिस पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 300 ऐसे स्कूल जिनके पास अपना भवन नहीं है, उनके लिए नए भवन बनाए जाएंगे, इस पर 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 300 से ज्यादा जर्जर हालत वाले स्कूलों को भी ठीक किया जाएगा। छात्रावासों के काम भी कराए जाएंगे।
आंगनबाड़ी और बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’
प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए ‘जादुई पिटारा’ यानी खेल सामग्री और किट दी जाएगी। इस पर सरकार 323 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मकसद बच्चों को खेल-खेल में अच्छी शिक्षा से जोड़ना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना है।
व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ेगा
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को और बढ़ाया जाएगा। अभी 4,019 स्कूलों में यह सुविधा है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 500 और स्कूलों में इसे शुरू किया जाएगा। इस योजना पर 51 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च होंगे, जिससे संसाधन, उपकरण, प्रशिक्षण सामग्री और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
