बड़ी खबर! वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पुराने फॉर्म से भरा जाएगा ITR, फार्म में नहीं होगा बदलाव  

 बड़ी खबर! वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पुराने फॉर्म से भरा जाएगा ITR, फार्म में नहीं होगा बदलाव  
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 की आमदनी की रिपोर्ट देने के लिए करदाता मौजूदा आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म का उपयोग जारी रखेंगे, भले ही मार्च के पहले सप्ताह तक संशोधित ट्रांजेक्शनल फॉर्म और नियम अधिसूचित किए जाने की संभावना है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
विभाग ने 22 फरवरी, 2026 तक मसौदा नियमों और फॉर्म पर हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है। सूत्रों ने कहा कि सभी सुझावों की गंभीरता से जांच की जाएगी और आवश्यक सुधारों को शामिल किया जाएगा, जैसा कि आयकर अधिनियम, 2025 को अपनाते समय किया गया था।
कम समय होने की वजह से हितधारकों ने व्यवस्था संबंधी समायोजन की जरूरत बताई थी। सीबीडीटी के सूत्रों ने कहा कि 22 फरवरी तक प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद लगभग एक सप्ताह के भीतर बदलावों को शामिल कर लिया जाएगा। इसकी अधिसूचना मार्च के पहले सप्ताह तक जारी होने की उम्मीद है।
स्पष्टीकरण से बदलाव के वक्त की स्थिति को लेकर चिंता दूर हो गई है। जुलाई-अगस्त 2026 में दाखिल किए गए रिटर्न आकलन वर्ष 2026-27 से संबंधित होंगे और पिछले वित्त वर्ष की आय इसमें शामिल होगी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि 1 अप्रैल, 2026 से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) विवरण, रेमिटेंस, फॉर्म 60 और फॉर्म 15जी/15एच जैसे ट्रांजेक्शनल फॉर्म नए सरलीकृत ढांचे के मुताबिक होंगे। ‘यह नियम मार्च 2026 में अधिसूचित होने की उम्मीद है। करदाताओं को 1 अप्रैल से तुरंत कुछ फॉर्म का उपयोग करने की आवश्यकता होती है, जिसे देखते हुए यह महत्त्वपूर्ण है। इसका एक उदाहरण विदहोल्डिंग की कम दर के लिए आवेदन करने का फॉर्म है।’
सीबीडीटी के अधिकारियों ने कहा कि बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मसौदा नियमों में कुछ अनुलाभ सीमाएं संशोधित की गई हैं, जो पहले बहुत कम थीं।  पहले से भरी हुई सूचनाएं बगैर किसी व्यवधान के जारी रहेंगी और करदाताओं के लिए ब्योरे को यथावत बनाए रखने या उसमें संशोधन करने का विकल्प बरकरार रहेगा।