देश का हर जिला खेलों का टेलेंट हब बने: मनसुख मांडवीया
नई दिल्ली –फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित आठवाँ राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस एवं सम्मान समारोह एक अत्यंत सफल, गरिमापूर्ण तथा पूरे देश के खेल प्रेमियों के लिए ऊर्जा प्रदान करने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध हुआ। खेल न केवल समाज को संगठित करता है, बल्कि आपसी समरसता, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी देता है।

नई दिल्ली स्थित एन.डी.एम. सी. सभागार में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारंभ भारत सरकार के युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ शोभित जैन, पे फ़ी के चेयरमैन डॉ ए के उप्पल, द्रोणाचार्य अवॉर्डी एवं पे फ़ी के अध्यक्ष डॉ ए के बंसल, पे फ़ी के सचिव डॉ पीयूष जैन और डॉ रथ (वी.सी) ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम में भारत सरकार के युवा कल्याण एवं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने वीडियो संदेश देकर खेलों के महत्व तथा सरकार द्वारा किए जा रहे खेलों के विकास और संवर्धन के सकारात्मक प्रयासों पर प्रकाश डाला तथा पे फ़ी द्वारा खेलों के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की प्रशंसा की !

ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक और मध्य प्रदेश के भाजपा संगठन प्रभारी सतीश उपाध्याय क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर, खेलो भारत के राष्ट्रीय प्रभारी (एवीबीपी) प्रदीप शेखावत अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ीऔर टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया, अर्जुन और द्रोणाचार्य अवॉर्डी सुजीत मान आदि ने खेलों के महत्व और आने वाले खेल ओलंपिक में पदकों के टॉप टेन में देश कैसे आए उसकी तैयारी पर संवाद किया समारोह में मुख्य अतिथि भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य और सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा द्वारा विभिन्न राज्यों से पधारे खेल प्रेमियों, शारीरिक शिक्षकों, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित (पेफ़ी.)सम्मानों से अलंकृत किया गया, जो खेल जगत के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के मनोबल को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना।

इस महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण आयोजन से यह विश्वास और अधिक प्रबल हुआ है कि 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत पदक तालिका में निश्चित रूप से शीर्ष दस देशों में अपना स्थान बनाएगा।

आगामी दस वर्ष हमारे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों के समर्पित एवं सार्थक प्रयासों के लिए निर्णायक सिद्ध होंगे। हम न केवल ओलंपिक में सशक्त सहभागिता करेंगे, बल्कि पदकों के साथ देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित भी करेंगे।
