कृषि क्षेत्र की संपूर्ण सुरक्षा, किसान हित सर्वोपरि: शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली/भोपाल फरवरी 2026।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे देश के किसानों को नुकसान पहुंचे।

मंत्री ने बताया कि सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है। भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे भारतीय कृषि की शुद्धता बनी रहेगी और मिट्टी व बीज सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिका से मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, दालें, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। इसके अलावा छिल्का रहित अनाज, आटा, आलू, प्याज, सब्जियां, फ्रोजन उत्पाद और कई फलों को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा।
दुग्ध उत्पादों में दूध, क्रीम, दही, मक्खन, घी, पनीर, व्हे उत्पाद और चीज़ को भी आयात से बाहर रखा गया है, ताकि देश के दुग्ध किसानों की आजीविका सुरक्षित रहे।
मसालों की श्रेणी में काली मिर्च, लौंग, मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, सरसों सहित अन्य मसालों के आयात की अनुमति नहीं दी गई है।
कृषि मंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है-किसानों की सुरक्षा, आत्मनिर्भर कृषि और देश के खाद्य तंत्र की मजबूती।
