मायावती बोलीं- मुस्लिमों व अल्पसंख्यकों के प्रति पूर्व की सरकारों ने नफरत पैदा की
- दिल्ली राजनीति राष्ट्रीय
Political Trust
- February 7, 2026
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लखनऊ। 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने लखनऊ में चुनाव को लेकर आज अहम बैठक बुलाई है। जिसमें संगठन और चुनावी रणनीति पर मंथन हो रहा है।
मायावती लखनऊ स्थित बीएसपी कार्यालय में समीक्षा बैठक कर रही है। मायावती ने कहा कि एसआईआर की वजह से पार्टी के काम प्रभावित हुए हैं। अब उन कार्यों को पूरा किया जाएगा। विरोधी पार्टियों द्वारा बीएसपी को कमजोर करने के लिए रचे जा रहे षड्यंत्रों के बारे में पदाधिकारियों को सचेत किया जाएगा।
गरीबों, दलितों, शोषितों, वंचितों, मुस्लिमों व अन्य अल्पसंख्यकों के साथ व्यापारियों, किसानों की हालात दयनीय रही। केंद्र व राज्यों में पूर्व व वर्तमान सरकार में भी इन सभी पर ध्यान नहीं दिया गया। केंद्र व राज्यों की अधिकांश सरकारें जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय जाति और धर्म की आड़ में राजनीति चमकाने में लगी रहती है। इससे समाज में नफरत की भावना पैदा हो रही है। जो देश हित में नहीं है।
संसद में घटिया ड्रामा
मायावती ने कहा, वर्तमान में संसद का सत्र भी चल रहा है, जिसमें पक्ष व विपक्ष देश की जानता के हित के मुद्दों के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। इस बार उनका घटिया ड्रामा व खेल चल रहा है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि इन दोनों को भारतीय संविधान की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नियमों पर अमल करना चाहिए वर्तमान में टैरिफ व ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन पर संसद में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी। लेकिन, इनकी आपसी लड़ाई के कारण इन सभी मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया।
गरीबों, दलितों, शोषितों, वंचितों, मुस्लिमों व अन्य अल्पसंख्यकों के साथ व्यापारियों, किसानों की हालात दयनीय रही। केंद्र व राज्यों में पूर्व व वर्तमान सरकार में भी इन सभी पर ध्यान नहीं दिया गया। केंद्र व राज्यों की अधिकांश सरकारें जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय जाति और धर्म की आड़ में राजनीति चमकाने में लगी रहती है। इससे समाज में नफरत की भावना पैदा हो रही है। जो देश हित में नहीं है।
संसद में घटिया ड्रामा
मायावती ने कहा, वर्तमान में संसद का सत्र भी चल रहा है, जिसमें पक्ष व विपक्ष देश की जानता के हित के मुद्दों के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। इस बार उनका घटिया ड्रामा व खेल चल रहा है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि इन दोनों को भारतीय संविधान की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। नियमों पर अमल करना चाहिए वर्तमान में टैरिफ व ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन पर संसद में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए थी। लेकिन, इनकी आपसी लड़ाई के कारण इन सभी मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया।
