घने कोहरे के बीच आज इन जिलों में बारिश और ओले का अलर्ट

 घने कोहरे के बीच आज इन जिलों में बारिश और ओले का अलर्ट
लखनऊ। यूपी में सर्दी का दौर जारी है। पश्चिमी जिलों से शुरू बारिश अब पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच रही है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मंगलवार को भी देखने को मिला। पश्चिमी जिलों से शुरू हुई बारिश का दायरा बुंदेलखंड, मध्यांचल और अवध क्षेत्र तक फैल गया। तड़के बुंदेलखंड के हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, झांसी और ललितपुर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या और रायबरेली में भी मध्यम बारिश हुई।
राजधानी लखनऊ समेत अवध के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं, जिससे ठंड बढ़ गई। उन्नाव, चित्रकूट, हरदोई और इटावा में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बुंदेलखंड और प्रयागराज मंडल सहित प्रदेश के 21 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि बुधवार से प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक सूरज देव प्रसाद के अनुसार बुधवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद प्रदेश में बारिश की संभावना कम रहेगी, लेकिन तराई क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं। मंगलवार को हुई बारिश के साथ लखनऊ के कुछ हिस्सों में ओले गिरे थे। आज भी अवध के कई हिस्सों में इसी तरह के पूर्वानुमान हैं।
घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में
यह जिला रहा सबसे ठंडा
हमीरपुर में सर्वाधिक 9 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं जालाैन में 7.2 मिमी और लखनऊ में 7 मिमी बारिश हुई। अलीगढ़, आगरा, बरेली और गोरखपुर में घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य तकसिमट गई। 26.5 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ वाराणसी और गाजीपुर सबसे गर्म रहा। वहीं 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ बुलंदशहर सबसे ठंडा रहा।
राजधानी में सुबह मौसम ने करवट ली। सवेरा होने के बाद सुबह नौ बजे घने बादलों ने कुछ इस तरह घेरा कि दिन में रात का अहसास होने लगा। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई।
बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क पर चल रहे लोग जहां-तहां रुकने के लिए मजबूर हो गए। लोगों ने बारिश से बचने के लिए पेड़ों और दुकानों की शेड का सहारा लिया। स्कूल, दफ्तर और रोजमर्रा के कामों के लिए निकले लोगों को परेशानी भी हुए। बहुत से लोग छाता या रेनकोट न होने के कारण भीग भी गए। सड़क किनारे पटरियों की तरफ जलभराव भी हो गया।