कर्ज से परेशान दंपती ने फंदा लगाकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात
- दिल्ली राष्ट्रीय
Political Trust
- January 31, 2026
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कर्ज से परेशान दंपती ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी की बात लिखी है।
घटना राजधानी के ज्योति नगर इलाके की है। जहां पर देर रात कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान दंपती ने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों का शव अलग अलग कमरों में लटका मिला। मृतकों की शिनाख्त अजय कुमार दीक्षित (55) और रीता दीक्षित (50) के रूप में हुई।
सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों डिप्रेशन में थे।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि देर रात 12.05 बजे ज्योति नगर थाना पुलिस को वेस्ट ज्योति नगर के एक फ्लैट में दंपती के खुदकुशी की जानकारी मिली।
पुलिस जब चौथी मंजिल, वेस्ट ज्योति नगर पहुंची तो एक कमरे में अजय कुमार फंदे से लटके थे, जबकि दूसरे कमरे में रीता चुन्नी के फंदे पर लटकी थी। जांच में पता चला कि अजय अपनी पत्नी और दो बेटों 29 साल के भास्कर और 25 साल के शरद के साथ यहां किराए के मकान में रहते थे।
वह सोनिया विहार साढ़े तीन पुश्ता पर मेडिकल स्टोर चलाते थे। भास्कर पहले किसी निजी कंपनी में काम करते थे। लेकिन पिछले काफी समय से नौकरी छोड़ दी थी। वह पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर ही बैठते थे। वहीं शरद एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए दोनों ने किसी को जिम्मेदार नहीं बताया। अपने लिए गए कर्ज और लगातार आर्थिक अस्थिरता से निपटने में अपनी असमर्थता का भी जिक्र किया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उनके सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। छानबीन में पता चला कि अजय पहले छोटी फैक्टरी चलाते थे, जो बंद हो गई।
आर्थिक संकट में होने की वजह से वेस्ट ज्योति नगर का मकान बेचकर सात आठ माह पहले किराए के मकान में रहने लगे। भजनपुरा और सोनिया विहार में मेडिकल स्टोर खोला जिसके लिए भी कर्ज लिया। सूत्रों का कहना है कि उनपर एक करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। पुलिस को आशंका है कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर वह डिप्रेशन में चले गए और खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया। पुलिस परिवार वालों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
सुसाइड नोट में बच्चों के कामयाब नहीं होने और कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात लिखी है। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों डिप्रेशन में थे।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि देर रात 12.05 बजे ज्योति नगर थाना पुलिस को वेस्ट ज्योति नगर के एक फ्लैट में दंपती के खुदकुशी की जानकारी मिली।
पुलिस जब चौथी मंजिल, वेस्ट ज्योति नगर पहुंची तो एक कमरे में अजय कुमार फंदे से लटके थे, जबकि दूसरे कमरे में रीता चुन्नी के फंदे पर लटकी थी। जांच में पता चला कि अजय अपनी पत्नी और दो बेटों 29 साल के भास्कर और 25 साल के शरद के साथ यहां किराए के मकान में रहते थे।
वह सोनिया विहार साढ़े तीन पुश्ता पर मेडिकल स्टोर चलाते थे। भास्कर पहले किसी निजी कंपनी में काम करते थे। लेकिन पिछले काफी समय से नौकरी छोड़ दी थी। वह पिता के साथ मेडिकल स्टोर पर ही बैठते थे। वहीं शरद एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए दोनों ने किसी को जिम्मेदार नहीं बताया। अपने लिए गए कर्ज और लगातार आर्थिक अस्थिरता से निपटने में अपनी असमर्थता का भी जिक्र किया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उनके सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। छानबीन में पता चला कि अजय पहले छोटी फैक्टरी चलाते थे, जो बंद हो गई।
आर्थिक संकट में होने की वजह से वेस्ट ज्योति नगर का मकान बेचकर सात आठ माह पहले किराए के मकान में रहने लगे। भजनपुरा और सोनिया विहार में मेडिकल स्टोर खोला जिसके लिए भी कर्ज लिया। सूत्रों का कहना है कि उनपर एक करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। पुलिस को आशंका है कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर वह डिप्रेशन में चले गए और खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया। पुलिस परिवार वालों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
