अरब लीग सम्मेलन में मुस्लिम देशों को एक मंच पर लाने की मुहिम, 22 देशों के प्रतिनिधि लेंगे भाग

 अरब लीग सम्मेलन में मुस्लिम देशों को एक मंच पर लाने की मुहिम, 22 देशों के प्रतिनिधि लेंगे भाग
नई दिल्ली। लंबे अंतराल के बाद अरब देशों की लीग (एलएएस) की शनिवार को होने जा रही बैठक में गाजा पट्टी पुननिर्माण पर अहम चर्चा होगी। पाकिस्तान की अरब समेत मुस्लिम देशों को एक मंच पर लाने की मुहिम, ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के साथ गाजा में शांति के लिए अमेरिका की बोर्ड ऑफ पीस की पहल के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। मध्य-पूर्व और अरब के 22 देशों के इस संगठन की बैठक के बाद संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्य रूप से लीग में शामिल देशों के बीच बहरीन में 2016 में आयोजित लीग की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा होगी। लीग देशों के बीच अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, संस्कृति, शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने वाला रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके इतर गाजा पुननिर्माण के साथ ही यमन, सूडान और लीबिया के क्षेत्रीय संघर्षों पर भी मंथन होगा।
बता दें कि लीबिया में साल 2011 में मुअम्मर गद्दाफी के राज के पतन के बाद पहली बार यहां की अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त सरकार के विदेश मंत्री एल्ताहेर भी बैठक में हिस्सा लेंगे। बीते 15 वर्षों में लीबिया सरकार के किसी मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी।पाकिस्तान के मुस्लिम देशों को अपनी अगुवाई में एक मंच पर लाने की कोशिशों के बीच हो रही है। पाकिस्तान पूर्वी लीबिया में नियंत्रण रखने वाले खलीफा हफ्तार को जेएफ-17 जेट लड़ाकू विमान बेचने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा लीग में गाजा में शांति प्रयासों पर भी चर्चा होगी, जिसके लिए अमेरिका बोर्ड ऑफ पीस के रूप में पहल कर रहा है। ऐसे समय में लीग ऑफ अरब स्टेट की भारत में मेजबानी के बड़े कूटनीतिक निहितार्थ हैं।
लीग ऑफ अरब स्टेट व्यापार की दृष्टि से भी भारत के लिए बेहद अहम है। लीग के 22 सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर का है। भारत का व्यापार मार्ग भी स्वेज नहर, लाल सागर और अदन की खाड़ी से जुड़ा है।