प्रापर्टी रजिस्ट्री के लिए अब आधार ई वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
- उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय
Political Trust
- January 31, 2026
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गाजियाबाद। प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब 2 फरवरी से जनपद के सभी आठों सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में ‘आधार ई-वेरिफिकेशन’ अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी के जरिए खरीदार, विक्रेता और गवाहों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल दस्तावेजों की हेराफेरी रुकेगी, बल्कि संपत्ति विवादों और कोर्ट केसों में भी कमी आएगी। अब बिना डिजिटल सत्यापन के रजिस्ट्री संभव नहीं होगी।
यदि आप जमीन, मकान या कोई भी अचल संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गाजियाबाद में अब कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की संपत्ति को न तो अपने नाम करा पाएगा और न ही फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसे बेच सकेगा. रजिस्ट्री विभाग ने प्रॉपर्टी से जुड़े फ्रॉड को जड़ से खत्म करने के लिए ‘आधार ई-वेरिफिकेशन’ की नई व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया है।
2 फरवरी से शुरू होगी नई व्यवस्था
गाजियाबाद के सहायक आयुक्त (स्टाप) पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, जनपद के सभी आठों सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कंप्यूटर सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है। आगामी 2 फरवरी से होने वाली सभी रजिस्ट्रियों में आधार कार्ड का यूआईडी (UID) नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन की नीति का एक अहम हिस्सा है।
2 फरवरी से शुरू होगी नई व्यवस्था
गाजियाबाद के सहायक आयुक्त (स्टाप) पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, जनपद के सभी आठों सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कंप्यूटर सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है। आगामी 2 फरवरी से होने वाली सभी रजिस्ट्रियों में आधार कार्ड का यूआईडी (UID) नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन की नीति का एक अहम हिस्सा है।
