जोखिम के हिसाब से म्यूचुअल फंड निवेश की योजना बनाए

 जोखिम के हिसाब से म्यूचुअल फंड निवेश की योजना बनाए

नई दिल्ली। बाजार के लिए 2026 तूफानी रहने वाला है। क्या होगा आगे, इसका अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। विश्व में भू-राजनीतिक तनाव, ट्रंप टैरिफ, वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरें और व्यापार युद्ध का शोर हर तरफ रहेगा। ऐसे माहौल में, म्यूचुअल फंड्स में SIP के जरिये निवेश, अकेला वह तरीका है, जो शोर से दूर, अनुशासन के साथ निवेश को आगे बढ़ाता रहेगा। निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता, निवेश का समय और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।

अलग जोखिम प्रोफाइल वाले निवेशकों को 2026 में रणनीति बनानी चाहिए। आप चाहते हैं कि आपका पैसा महंगाई को मात दे, लेकिन मूलधन पर आंच न आए।

इसके लिए ऐसे निवेशकों को लार्ज-कैप इंडेक्स फंड्स और कुछ हद तक फ्लेक्सी-कैप फंड्स में निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही, गोल्ड-सिल्वर और डेट फंड्स में भी एक्सपोजर रखना चाहिए। डेट, लिक्विड फंड्स और आर्बिट्राज फंड्स का चुनाव भी किया जा सकता है, क्योंकि ये सभी पूंजी की सुरक्षा पर फोकस करते हैं।

थोड़ा जोखिम ले सकते हैं, बशर्ते लंबी अवधि में रिटर्न कड़क मिले। आप बाजार के झटकों को झेलने का हौसला रखते हैं। लार्ज-कैप और फ्लेक्सी-कैप फंड्स के साथ-साथ कुछ मिड-कैप फंड्स में भी निवेश किया जा सकता है। बाजार सुधार के समय, डेट से इक्विटी में धीरे-धीरे शिफ्ट करना चाहिए और समय-समय पर पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करना चाहिए।

आप रफ्तार के शौकीन हैं। आप जानते हैं कि बड़ा पैसा मंझली और छोटी कंपनियों से बनता है। उतार-चढ़ाव आपके लिए डर नहीं, अवसर है।

मिड-कैप पर ज्यादा फोकस कीजिए और बाकी लार्ज व स्मॉल कैप में निवेश करें। बाजार सुधार के समय लंपसम निवेश को बढ़ावा दिया जा सकता है।